सीजी भास्कर, 04 मई : छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों के बाद जहां भाजपा ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, वहीं कांग्रेस (MLA Sangeeta Sinha) के भीतर अब भी संगठन को लेकर खींचतान जारी है। सबसे ज्यादा संकट महिला कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर खड़ा हो गया है। सुस्त पड़ चुकी संगठन की गतिविधियों के बीच अब यह खबर आ रही है कि मई के अंत तक महिला कांग्रेस को अपनी नई सेनापति मिल सकती है। हालांकि, दिल्ली से लेकर रायपुर तक मचे घमासान ने इस नियुक्ति को पूरी तरह से उलझा कर रख दिया है।
कुर्सी एक, दावेदार अनेक, दिल्ली में फंसा पेंच
महिला कांग्रेस की कमान संभालने के लिए जनवरी में ही दिल्ली की दहलीज पर इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के सामने अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा (MLA Sangeeta Sinha) , छन्नी साहू, ममता चंद्राकर और तुलिका कर्मा जैसी दिग्गज नेत्रियों ने अपनी दावेदारी ठोकी थी। महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक हाईकमान किसी एक नाम पर मुहर नहीं लगा पाया है। संगठन के भीतर की गुटबाजी इस देरी का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरी है।
वर्चस्व की लड़ाई: बघेल खेमा बनाम संगठन
सूत्रों की मानें तो अब पूरी लड़ाई दो चेहरों पर आकर टिक गई है। एक तरफ छन्नी साहू का नाम मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमे की पहली पसंद विधायक संगीता सिन्हा बताई जा रही हैं। दोनों ही नेत्रियों के बीच कड़ी टक्कर है और संगठन के भीतर दो फाड़ वाली स्थिति बनी हुई है। संगीता सिन्हा की दावेदारी को इस वक्त सबसे ज्यादा वजन मिल रहा है, लेकिन अंदरूनी खींचतान ने फैसले को अधर में लटका दिया है।
फुलोदेवी के इस्तीफे के बाद पंगु हुआ संगठन
वर्तमान में कमान फुलोदेवी नेताम के पास है, लेकिन राज्यसभा सदस्य होने और उनके द्वारा इस्तीफे की पेशकश के बाद से संगठन पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। जमीनी स्तर पर पदाधिकारी घर बैठ गए हैं और महिला कांग्रेस की गतिविधियां लगभग ठप हैं। बीजेपी जहां ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के जरिए महिलाओं को साध रही है, वहीं कांग्रेस नेतृत्व के अभाव में बैकफुट पर दिखाई दे रही है।
भाजपा के निशाने पर कांग्रेस की सुस्ती
नेतृत्व के इस संकट को भाजपा ने लपक लिया है और वह लगातार कांग्रेस की गुटबाजी पर हमलावर है। कांग्रेस के लिए अब यह केवल नियुक्ति का मामला नहीं, बल्कि अपनी साख बचाने की चुनौती बन गया है। मई का आखिरी हफ्ता तय करेगा कि छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस को संगीता सिन्हा के रूप में नया चेहरा मिलता है या छन्नी साहू बाजी मार ले जाती हैं।


