सीजी भास्कर, 03 जून : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों (Sushasan Tihar Review Meeting) का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ तय समय में निराकरण करना है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि पूरा प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और ठोस प्रयासों के साथ काम करे, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचे और सुशासन का असर जमीन पर साफ दिखाई दे।
प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के तहत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक (Sushasan Tihar Review Meeting) में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में चल रहे विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों के कामकाज को देखा और अफसरों को जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाम देने वाली कार्यशैली अपनाने की हिदायत दी।
प्रधानमंत्री आवास, धान उठाव और कृषि तैयारियों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Sushasan Tihar Review Meeting) ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मंजूर हुए मकानों का निर्माण काम तेजी से पूरा कराने को कहा ताकि गरीबों को जल्द पक्का मकान मिल सके। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव तेज करने और लोकल लेवल पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को आगे लाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन के मद्देनजर खाद और उन्नत बीजों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खाद के साथ नैनो यूरिया और दूसरे वैकल्पिक उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पात्र किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी), सिकल सेल जांच और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर खास जोर दिया।
उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट भोजन तैयार करने का जिम्मा सौंपने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केंद्रों का दायरा बढ़ाने और सभी पात्र महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी को देखते हुए साफ पीने के पानी की सप्लाई पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने को लेकर लगातार अवेयरनेस अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही आपातकालीन सेवा डायल 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केंद्र, ई-ऑफिस सिस्टम, डीएमएफ के काम, शिक्षा की गुणवत्ता और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर वन-टू-वन चर्चा की और जिलों की प्रगति रिपोर्ट ली।
मुख्यमंत्री साय ने पखांजूर इलाके में मछली पालन की अपार संभावनाओं को देखते हुए वाटर कंजर्वेशन (जल संरक्षण) को और मजबूत करने को कहा। वहीं अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे सुदूर वनांचल क्षेत्रों में डीएमएफ फंड से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कुपोषण दूर करने से जुड़े कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उच्च स्तरीय बैठक में अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह समेत संबंधित चारों जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक (SP), डीएफओ (DFO) और विभिन्न विभागों के सीनियर अधिकारी मौजूद रहे।




