सीजी भास्कर, 03 मई। मथुरा की पावन धरती पर इन दिनों एक ऐसी तस्वीर देखने को मिल रही है, जिसने लोगों को भावुक (Braj Parikrama) कर दिया है। जहां अक्सर रिश्तों में दूरियों और मतभेदों की बातें सुनने को मिलती हैं, वहीं एक बहू अपनी बुजुर्ग सास के लिए ऐसा काम कर रही है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। श्रद्धालु भी इस दृश्य को देखकर रुक जाते हैं और दोनों को आशीर्वाद देते नजर आते हैं। ब्रज क्षेत्र में चल रही इस परिक्रमा के दौरान लोगों की भीड़ बहू और सास को देखने के लिए जुट रही है। सेवा, सम्मान और समर्पण की यह कहानी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।
सास की इच्छा को बनाया अपना संकल्प : Braj Parikrama
हरियाणा के पलवल जिले के हताना गांव की रहने वाली लोकगायिका काजल चौधरी अपनी 90 वर्षीय सास चंद्री देवी की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी करने में जुटी हैं। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण चंद्री देवी स्वयं परिक्रमा करने में सक्षम नहीं थीं। ऐसे में बहू ने उनकी मनोकामना को अपना लक्ष्य बना लिया।
सिर पर बैठाकर करा रहीं परिक्रमा
काजल चौधरी अपनी सास को लोहे की परात में बैठाकर सिर पर उठाए हुए ब्रज की 84 कोस परिक्रमा कर रही हैं। करीब 252 किलोमीटर लंबी इस धार्मिक यात्रा के दौरान वह गांव, मंदिर और विभिन्न तीर्थ स्थलों तक अपनी सास को लेकर पहुंच रही हैं।
भीषण गर्मी भी नहीं तोड़ सकी हौसला
परिक्रमा मार्ग पर तेज गर्मी और लंबी दूरी के बावजूद काजल चौधरी का उत्साह कम (Braj Parikrama) नहीं हुआ है। श्रद्धालु और स्थानीय लोग उनकी सेवा भावना को देखकर प्रभावित हो रहे हैं और इस अनोखे समर्पण की सराहना कर रहे हैं।
बहू ने बताई भावना
काजल चौधरी का कहना है कि उनकी सास उनके लिए मां के समान हैं। उन्होंने हमेशा उन्हें प्यार और सम्मान दिया है। इसी कारण उनकी अधूरी इच्छा को पूरा करना अपना कर्तव्य समझते हुए वह पूरी श्रद्धा के साथ यह परिक्रमा कर रही हैं।
लोगों के लिए बनी प्रेरणा
परिक्रमा के दौरान चंद्री देवी के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई (Braj Parikrama) देती है। वर्षों से संजोया गया सपना अब पूरा होता नजर आ रहा है। ब्रजभूमि में सास और बहू की यह कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है। कई श्रद्धालु इसे सेवा, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की जीवंत मिसाल मान रहे हैं।




