सीजी भास्कर, 05 जून। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में उद्योगों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण और पर्यावरण विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण विभाग का घेराव कर विरोध जताया और दिन को ‘प्रदूषण दिवस’ के रूप में मनाते हुए नारेबाजी की।कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या पर्यावरण विभाग कार्यालय पहुंची, जहां उन्होंने विभाग और बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान विभाग को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की गई। (Congress’s attack on Environment Day)
पर्यावरण, वायु और जल प्रदूषण को लेकर जताई चिंता : Congress’s attack on Environmy
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले में वायु, जल और पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले काले धुएं और अन्य गतिविधियों के कारण पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।उनका कहना है कि पेड़-पौधों की पत्तियों से लेकर मकानों की छतों तक धूल और काली परत जम रही है, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। धूल और धुएं के कारण त्वचा रोग, फेफड़ों की बीमारियां और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
जल स्रोतों के प्रदूषित होने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों द्वारा छोड़े जा रहे अपशिष्ट और गंदे पानी के कारण नदियां, तालाब और अन्य जल स्रोत भी प्रदूषित हो रहे हैं। इससे पर्यावरण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की जल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
प्रदूषण मापक डिस्प्ले बोर्ड लगाने की मांग : Congress’s attack on Environmy
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि जिले में संचालित कई उद्योग प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शहर के चारों प्रमुख स्थानों पर प्रदूषण मापक डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं, ताकि आम जनता को प्रतिदिन प्रदूषण स्तर की जानकारी मिल सके।
कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।




