सीजी भास्कर, 05 जून। सुप्रीम कोर्ट ने असम की दो महिलाएं सालेहा खातून और सरभानु बेगम के निर्वासन पर रोक लगा दी है. विदेशी घोषित होने के बाद दोनों महिलाओं को डिटेंशन सेंटर में डाल दिया गया था. फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने इन दोनों महिलाओं को विदेशी घोषित किया था, जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है और कहा कि इन दोनों महिलाओं के खिलाफ अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. (Major order of the Supreme Court)
इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन पीठ ने की, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी मोहना शामिल थे. कोर्ट ने सालेहा और सरभानु बेगम के अलावा दो और महिलाओं की याचिकाओं पर संज्ञान लिया है. सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस संवेदनशील मामले पर जवाब दाखिल करने को कहा है. याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा है.
अगली सुनवाई तक नहीं किया जाएगा निर्वासित : Major order of the Supreme Court
अदालत ने अगली सुनवाई 16 जुलाई को तय की है. कोर्ट नें कहा कि यदि सालेहा और सरभानु अभी हिरासत में रहती हैं, तो उन्हें अगली तारीख तक अपने मूल देश नहीं भेजा जाएगा. दरअसल, यह मामला असम के फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल की जांच से जुड़ा है, जिसमें इन महिलाओं को विदेशी घोषित कर दिया गया था. डिटेंशन सेंटर में रखे जाने के बाद, सुप्रीम कोर्ट में इस डिटेंशन के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी.
हाईकोर्ट ने खारिज की थी आर्जी : Major order of the Supreme Court
सालेहा खातून और सरभानु बेगम ने सरकार द्वारा खुद विदेशी घोषित किए जाने के विरोध में हाईकोर्ट का दरवाजा घटघटाया था, लेकिन उनकी अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी. जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनके निर्वासन पर रोक लगा दी है.
सालेहा खातून की अर्जी में बताया गया है कि 50 साल की एक गरीब और अशिक्षित महिला हैं, जो 2 मार्च 2026 से असम के गोलपारा डिटेंशन सेंटर में बंद हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके पिता अहसान अली और माता कोरपुलजान के नाम 1971 से पहले के मतदाता रिकॉर्ड और NRC के लीगेसी डेटा में दर्ज हैं. वह अपने आपको भारतीय बताती हैं और इसके लिए उन्होंने सबूत भी पेश किए हैं. उनका कहना है कि उनके ही देश में उन्हें बाहरी बताया जा रहा है. अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर हैं, जोकि 16 जुलाई को तय की गई है.




