राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारे लगाए और लोकभवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
बताया गया कि मंगलवार रात कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कार्यकर्ता लोकभवन का घेराव करने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें गेट से पहले ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और बारिश के बीच भी विरोध जारी रखा।
यह प्रदर्शन दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में आयोजित किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की।
दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें भी अन्य नेताओं के साथ पुलिस ने बस में बैठाकर वहां से ले जाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उनका एक जूता भी पुलिस के पास रह गया।
रायपुर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर संसद में चर्चा कराने और प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। वहीं, अन्य नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता देर रात तक लोकभवन के बाहर डटे रहे। पुलिस ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।



