सीजी भास्कर, 05 जून। भिलाई में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई ने कई सवाल खड़े (Coal Scam) कर दिए हैं। खुर्सीपार इलाके में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध कारोबार का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को भारी मात्रा में कोयले के भंडारण और बिक्री की सूचना मिली। कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई कि कारोबार को वैध दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया जा रहा था।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस के सामने ऐसे तथ्य आए, जिन्होंने पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दीं। दस्तावेजों की जांच में जो जानकारी सामने आई, उसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई : Coal Scam
संपत्ति संबंधी अपराधों और अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खुर्सीपार पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कोयले का अवैध भंडारण कर उसकी बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान एक गोदामनुमा स्थल से करीब 15.530 टन कोयला, कांटा तराजू और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।
दस्तावेजों की जांच में खुला फर्जीवाड़ा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कोयले के वैध व्यापार से जुड़े दस्तावेज पेश (Coal Scam) किए और खुद को अधिकृत कारोबारी बताया। हालांकि पुलिस ने दस्तावेजों की सत्यता की जांच कराई।जांच में प्रस्तुत जीएसटी बिल, परिवहन रिकॉर्ड और अन्य अभिलेख संबंधित विभागों से सत्यापित कराए गए। सत्यापन के दौरान दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए गए, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े अन्य आरोपी
विवेचना के दौरान पुलिस ने वित्तीय लेनदेन, मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्यों की जांच की। इससे फर्जी जीएसटी दस्तावेज तैयार करने और उपलब्ध कराने वाले अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। जांच में राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा की संलिप्तता उजागर होने के बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन आरोपियों को भेजा गया जेल
पुलिस ने इस मामले में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें विजय कुमार केसरवानी, राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से तीन लाख रुपये से अधिक मूल्य का कोयला और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
कोयले के स्रोत की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि बरामद कोयले का वास्तविक स्रोत, परिवहन व्यवस्था और उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका की जांच (Coal Scam) अभी जारी है। विभिन्न विभागों से जानकारी मंगाई गई है और पूरे मामले के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




