सीजी भास्कर, 06 जून। दुर्ग जिले में अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शहर में एक कारोबारी के गोदाम पर हुई छापेमारी के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। पुलिस की कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में भी हलचल देखी गई और पूरे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में जो जानकारी सामने आई, उसने मामले को और गंभीर बना दिया। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान ऐसे तथ्य मिले जिनके बाद तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी।
गोदाम में मिला लाखों का कोयला
खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस को अवैध कोयला भंडारण की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खुर्सीपार गेट के पास स्थित एक गोदाम में दबिश दी। जांच के दौरान वहां से करीब 15.530 टन कोयला बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में खुली परतें
पुलिस ने गोदाम संचालक विजय केसरवानी से कोयले के संबंध में जानकारी मांगी। पूछताछ के दौरान उसने कोयले की खरीदी और बिक्री से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। हालांकि दस्तावेजों की जांच में कई संदेह सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने उनकी विस्तार से पड़ताल शुरू की।
फर्जी निकला जीएसटी बिल
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी द्वारा पेश किया गया जीएसटी बिल कथित रूप से फर्जी था। दस्तावेजों का सत्यापन करने पर बिल में कई गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने विजय केसरवानी को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू की।
चोरी का कोयला खरीदने की बात कबूली
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह चोरी का कोयला खरीदने का काम करता था। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में अन्य लोगों की भूमिका भी रही है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि फर्जी जीएसटी दस्तावेज राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा के माध्यम से तैयार किए गए थे।
तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विजय केसरवानी, राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार से और कौन कौन लोग जुड़े हुए हैं।



