सीजी भास्कर, 08 जून। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने वित्त वर्ष 2030 तक अपने कारोबार को लगभग दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। कंपनी ने सोमवार को अपना नया ग्रोथ विजन पेश करते हुए कहा कि वह इंटरनेशनल विस्तार, लंबी दूरी की उड़ानों, प्रीमियम ट्रैवल सेवाओं, कार्गो कारोबार और नए राजस्व स्रोतों पर फोकस करेगी। कंपनी का लक्ष्य खुद को एक प्रमुख वैश्विक एविएशन कंपनी के रूप में स्थापित करना है। (Indigo 2030 Vision)
इंटरनेशनल नेटवर्क विस्तार बनेगा ग्रोथ का इंजन : Indigo 2030 Vision
इंडिगो ने कहा कि आने वाले वर्षों में उसकी वृद्धि का सबसे बड़ा आधार अंतरराष्ट्रीय बाजार होगा। एयरलाइन को उम्मीद है कि वर्ष 2030 तक उसकी कुल क्षमता में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
वर्तमान में कंपनी एशिया, यूरोप, मध्य एशिया, अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है। वित्त वर्ष 2016 में जहां इंडिगो केवल 5 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों और 12 रूटों पर संचालित होती थी, वहीं वित्त वर्ष 2026 तक यह संख्या बढ़कर 44 गंतव्य और 150 से अधिक रूट हो गई है।
नए विमान खोलेंगे लंबी दूरी के बाजार
इंटरनेशनल विस्तार को गति देने के लिए इंडिगो अपने बेड़े में आधुनिक एयरबस A321XLR और एयरबस A350 वाइडबॉडी विमान शामिल करने जा रही है। कंपनी को वित्त वर्ष 2027 में 9 A321XLR विमान मिलने की उम्मीद है।इन विमानों की मदद से इंडिगो एथेंस, इस्तांबुल, बाली और सियोल जैसे नए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू कर सकेगी। कंपनी का मानना है कि ये विमान लंबी दूरी के उन बाजारों में प्रवेश का रास्ता खोलेंगे जहां मांग सीमित है लेकिन विकास की संभावनाएं अधिक हैं।
प्रीमियम यात्रियों को आकर्षित करने की रणनीति
इंडिगो अब केवल कम लागत वाली एयरलाइन के रूप में नहीं रहना चाहती। कंपनी अपनी IndiGoStretch सेवा के जरिए बिजनेस और प्रीमियम यात्रियों को आकर्षित करने की योजना पर काम कर रही है।एयरलाइन का अनुमान है कि मार्च 2027 तक प्रतिदिन उपलब्ध प्रीमियम सीटों की संख्या 2,800 से बढ़कर 4,300 से अधिक हो जाएगी। इससे कंपनी को अधिक राजस्व देने वाले यात्रियों को जोड़ने में मदद मिलेगी।
कार्गो कारोबार से बढ़ेगी कमाई : Indigo 2030 Vision
यात्री सेवाओं के अलावा इंडिगो कार्गो व्यवसाय को भी मजबूत बनाने की तैयारी में है। कंपनी का अनुमान है कि कार्गो वॉल्यूम वित्त वर्ष 2026 के 3.6 लाख टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक 4.5 लाख टन से अधिक हो जाएगा।इसके लिए एयरलाइन बेली कार्गो क्षमता, फ्रेटर संचालन और भविष्य में वाइडबॉडी विमानों के उपयोग पर जोर दे रही है।
टिकट के अलावा दूसरे स्रोतों से भी होगी आय
इंडिगो ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में प्रति यात्री एन्सिलरी रेवेन्यू में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें पेड सीटिंग, अतिरिक्त बैगेज, अपग्रेड सेवाएं, AI आधारित सुविधाएं और अन्य डिजिटल ऑफरिंग का बड़ा योगदान रहा है।कंपनी का लक्ष्य भविष्य में टिकट बिक्री पर निर्भरता कम कर विभिन्न सेवाओं के माध्यम से आय बढ़ाना है।
लॉयल्टी प्रोग्राम पर भी बड़ा फोकस : Indigo 2030 Vision
इंडिगो के ब्लूचिप लॉयल्टी प्रोग्राम ने लॉन्च के केवल 20 महीनों में 1.1 करोड़ से अधिक सदस्य जोड़ लिए हैं। एयरलाइन अब वित्तीय सेवाओं, ट्रैवल, लाइफस्टाइल और कॉमर्स सेक्टर की साझेदारियों के जरिए इस इकोसिस्टम को और मजबूत करना चाहती है।



