छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सोमवार देर रात बड़ी मात्रा में नकली शराब पकड़ी गई है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो कोरोना काल से अपने भाई और सहयोगी के साथ मिलकर नकली शराब बनाकर बेच रहा था। मामला कोतरारोड थाना क्षेत्र का है।
जांच में सामने आया कि आरोपी छत्तीसगढ़, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश से शराब खरीदते थे। इसके बाद उसमें स्प्रिट और रसायनों के साथ रेड लेबल चायपत्ती का इस्तेमाल कर शराब की मात्रा बढ़ाई जाती थी। इसके लिए पुरानी बोतलों को साफ कर दोबारा इस्तेमाल किया जाता था।
नकली लेबल और होलोग्राम लगाकर पैकिंग की जाती थी। तैयार नकली शराब को फिर कोचियों के माध्यम से बाजार में बिक्री के लिए खपाया जाता था। हालांकि इस मामले में आरोपी का भाई और सहयोगी फरार हैं। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, सोमवार रात पुलिस को धनागार गांव में नकली शराब तैयार कर बेचने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने अपने मुखबिर को शराब खरीदने भेजा। मुखबिर शराब खरीदकर लौटा तो बोतलों की जांच के दौरान शराब और होलोग्राम के नकली होने का संदेह हुआ।
इसके बाद पुलिस ने आबकारी टीम ने घर में दबिश दी, तभी सुभाष पटेल मौके से फरार हो गया, जबकि दुष्यंत पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया और घर की तलाशी ली गई। गाय रखने वाले कोठे से भारी मात्रा में नकली शराब का जखीरा बरामद हुआ, जिसमें कई ब्रांडों की पैकिंग का इस्तेमाल किया गया था।
रामद शराब में रॉयल स्टैग, आईबी, रिजर्व क्वार्टर, गोवा, ब्लैक डॉग, गोल्डन गोवा और किंगफिशर बियर जैसे ब्रांड शामिल थे। पूछताछ में आरोपी दुष्यंत ने बताया कि पूरी शराब नकली और मिलावटी है, जिसे अवैध तरीके से तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा था।
अरुणाचल प्रदेश और झारखंड से कनेक्शन
आरोपी ने बताया कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और सहयोगी विनय सिंह के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से शराब खरीदते थे। इसके बाद उसमें स्प्रिट और अन्य रसायन के साथ रेड लेबल चायपत्ती का इस्तेमाल कर शराब की मात्रा बढ़ाई जाती थी।
डुप्लीकेट लेबल-नकली होलोग्राम का इस्तेमाल
पुराने इस्तेमाल की गई शराब की बोतलों को इकट्ठा कर उन्हें साफ किया जाता था और उन पर डुप्लीकेट लेबल-नकली होलोग्राम लगाकर दोबारा पैकिंग की जाती थी। तैयार की गई नकली शराब को कोचियों के जरिए असली शराब के साथ मिलाकर बाजार में उतारा जाता था।
2.16 लाख का मुनाफा
संयुक्त टीम की कार्रवाई में 869 नग (पौव्वा, अद्धी और बोतल) में करीब 240 लीटर नकली शराब पकड़ी गई। साथ ही शराब के ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, केतली और खाली बोतलें भी जब्त की गई है। इस नकली शराब की बिक्री से करीब 2 लाख 16 हजार 245 रुपए का मुनाफा होने की बात सामने आई है।
कोरोना काल से चल रहा था धंधा
आरोपी दुष्यंत पटेल ने पूछताछ में बताया कि वह कोरोना काल से छिपकर यह अवैध काम कर रहा था। पुलिस अब उसकी जानकारी के आधार पर फरार आरोपियों सुभाष पटेल और विनय सिंह की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल
इस मामले में आरोपी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू, सुभाष पटेल और विनय ठाकुर के खिलाफ बीएनएस की धारा 61(2), 336(3), 336(4), 340(2), 275 और आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36-च, 34(1)(क)(ख) और 59-क के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।



