सीजी भास्कर, 10 जून। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश से पहले उमस और चिपचिपी गर्मी का असर बढ़ गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों को गर्मी और नमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में मानसून की एंट्री के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं और अगले कुछ दिनों में इसके पहुंचने की संभावना है। वहीं आगामी 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। (Chhattisgarh Monsoon Update)
अगले 3-4 दिनों में पहुंच सकता है मानसून : Chhattisgarh Monsoon Update
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी मानसून के आगमन के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो गया है। विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून दस्तक दे सकता है।
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। अगले दो दिनों में हवा की गति बढ़कर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसके साथ ही कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के भी आसार हैं। बीते 24 घंटों में शंकरगढ़, मंदिर हसौद और खरोरा में 10-10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य कुछ क्षेत्रों में भी हल्की बारिश हुई।
रायपुर में आंशिक बादल, उमस रहेगी बरकरार : Chhattisgarh Monsoon Update
राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहने की संभावना है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
हालांकि बादलों की मौजूदगी के बावजूद उमस से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और तेज हवाओं तथा गरज-चमक के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।



