सीजी भास्कर, 10 जून : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं कांकेर नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर का मंगलवार को निधन (Kanker Congress Leader Death) हो गया। वे लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और हैदराबाद में उनका उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के बीच मंगलवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से कांग्रेस संगठन, राजनीतिक जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
छात्र राजनीति से शुरू किया था जनसेवा का सफर
जितेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। युवावस्था से ही वे सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों से जुड़े रहे। उनकी सक्रियता और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें स्थानीय राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई।
उन्होंने कांकेर नगर पालिका परिषद में पहले उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहरी विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी। यही कारण रहा कि वे आम लोगों के बीच लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में पहचाने जाते थे।
कांग्रेस संगठन के मजबूत स्तंभ थे जितेंद्र ठाकुर
कांग्रेस संगठन में जितेंद्र सिंह ठाकुर को एक जमीनी और समर्पित नेता के रूप में देखा जाता था। पार्टी के विभिन्न अभियानों, आंदोलनों और चुनावी रणनीतियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जाती थीं, जिन्हें उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने, संगठन को मजबूत करने और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। उनके निधन को कांग्रेस संगठन के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
हाल ही में टीएस सिंहदेव ने जाना था हालचाल
बीमारी के दौरान प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित कई जनप्रतिनिधि लगातार उनके संपर्क में थे। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव भी उनके निवास पहुंचे थे और उनका हालचाल जाना था। उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा लगातार प्रार्थनाएं की जा रही थीं।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर
जितेंद्र सिंह ठाकुर के निधन पर कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कई नेताओं ने उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित, सरल और कर्मठ व्यक्तित्व बताया। परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम को कांकेर में किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र के लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे।



