सीजी भास्कर, 10 जून। कोरबा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल एक ग्रामीण की समय पर उपचार नहीं मिलने से मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद डायल-112 और एम्बुलेंस सेवा घटनास्थल पर करीब तीन घंटे की देरी से पहुंची, जिसके कारण घायल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। (Korba Ambulance Delay Death)
हादसे के बाद घंटों तक नहीं मिली मदद : Korba Ambulance Delay Death
जानकारी के अनुसार, 8 जून की शाम ग्राम अखराडाड का एक ग्रामीण बाइक से लामपहाड़ मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोट आई और वह बेहोश हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत बेहद नाजुक थी।
एम्बुलेंस और डायल-112 की देरी पर नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि 108 एम्बुलेंस का चालक ड्यूटी पर उपलब्ध नहीं था। इसके बाद डायल-112 को सूचना दी गई, लेकिन टीम के घटनास्थल पर पहुंचने में लगभग तीन घंटे लग गए। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाती तो घायल की जान बचाई जा सकती थी।
24 घंटे आपातकालीन सेवा की मांग : Korba Ambulance Delay Death
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने लेमरू में 108 एम्बुलेंस सेवा को चौबीसों घंटे संचालित करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की मांग की है।



