सीजी भास्कर, 11 जून : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee Case) को कथित जाली हस्ताक्षर मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने जांच एजेंसी को अगले तीन सप्ताह तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अभिषेक बनर्जी को सीआईडी के समन का पालन करते हुए गुरुवार शाम 6 बजे जांच एजेंसी के कार्यालय में पेश होना होगा।
हाई कोर्ट ने दी अंतरिम राहत
कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश कौशिक चंदा ने मामले की सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी को तीन सप्ताह का अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। अदालत ने कहा कि इस अवधि के दौरान जांच एजेंसी कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी।
वहीं, यदि आगे पूछताछ की आवश्यकता होती है तो सीआईडी को कम से कम 24 घंटे पहले नोटिस जारी करना होगा। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
CID के समन पर पेश होने के निर्देश
अदालत ने राहत देते हुए भी जांच प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को सीआईडी द्वारा जारी समन के अनुसार गुरुवार शाम 6 बजे जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
इसके साथ ही, अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच में सहयोग करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है और कानून के अनुसार प्रक्रिया जारी रहेगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर आयोजित एक बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बैठक में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर चर्चा हुई थी।
आरोप है कि इस संबंध में तैयार किए गए दस्तावेजों पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षर उनकी अनुपस्थिति में कर दिए गए थे। इसी कथित जाली हस्ताक्षर विवाद को लेकर मामला जांच एजेंसियों तक पहुंचा और राजनीतिक विवाद गहरा गया।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा विवाद
मामले के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर टीएमसी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं, जबकि पार्टी की ओर से आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया जाता रहा है।
फिलहाल, हाई कोर्ट से मिली अंतरिम राहत के बाद अभिषेक बनर्जी को तत्काल कानूनी कार्रवाई से राहत मिली है, लेकिन जांच प्रक्रिया जारी रहेगी और उन्हें सीआईडी के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।



