सीजी भास्कर, 12 जून। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों उठापटक का दौर (Shatrughan Sinha) जारी है। पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और नेताओं के बदलते रुख को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। इसी बीच एक वरिष्ठ सांसद के बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। उनके बयान के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पार्टी के कई नेताओं को लेकर तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। ऐसे माहौल में सांसद ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उनके बयान को मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच अहम माना जा रहा है।
सांसद ने स्पष्ट किया अपना रुख : Shatrughan Sinha
तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कहा है कि वह ममता बनर्जी के साथ हैं और आगे भी उनके साथ ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी नेता केवल ममता बनर्जी हैं और किसी अन्य व्यक्ति को वह अपना नेता नहीं मानते।
अभिषेक बनर्जी को लेकर कही बड़ी बात
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अभिषेक बनर्जी उनके नेता नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न तो अभिषेक बनर्जी और न ही कोई दूसरा व्यक्ति उनका नेतृत्व करता है। उनके अनुसार वर्तमान समय पार्टी के भीतर एकजुटता दिखाने का है और ऐसे समय में नेतृत्व के साथ खड़ा रहना जरूरी है।
ममता बनर्जी पर जताया भरोसा
सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी एक अनुभवी और परिपक्व (Shatrughan Sinha) नेता हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी उनके साथ थे, आज भी साथ हैं और भविष्य में भी उनके साथ बने रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कठिन समय में नेतृत्व का साथ छोड़ना उचित नहीं माना जा सकता।
अकेले रहने की स्थिति पर भी दिया जवाब
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि यदि कभी ऐसी स्थिति आती है कि उन्हें अकेले भी खड़ा रहना पड़े, तब भी वह अपने फैसले पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात ममता बनर्जी के साथ बने रहना है और फिलहाल किसी अन्य राजनीतिक विकल्प पर विचार नहीं कर रहे हैं।
पार्टी में बढ़ रही है नाराजगी
पार्टी के भीतर कई नेताओं की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। कुछ नेताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली और नेतृत्व को लेकर खुले तौर पर सवाल भी उठाए हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कई नेताओं की असहमति का केंद्र अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर है।
वरिष्ठ नेता ने भी जताई नाराजगी
पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने भी हाल ही में अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि अंतिम फैसला नेतृत्व को करना है कि वह किसके साथ खड़ा रहना चाहता है।m उनके बयान के बाद पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों की चर्चा और तेज हो गई है।



