सीजी भास्कर, 12 जून। न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान Kane Williamson ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 35 वर्षीय बल्लेबाज ने तत्काल प्रभाव से क्रिकेट के सभी अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों को अलविदा कहने का फैसला किया है। उनके इस निर्णय के साथ ही 16 साल लंबे और शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया। (End of Kane Williamson Era)
इंग्लैंड सीरीज के बीच लिया बड़ा फैसला : End of Kane Williamson Era
केन विलियमसन का यह फैसला क्रिकेट प्रशंसकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के दौरान उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा की। इसके बाद वह शेष मुकाबलों में न्यूजीलैंड टीम का हिस्सा नहीं होंगे। पहले टेस्ट में मिली हार के बाद उनके इस फैसले ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है।
विलियमसन ने अपने बयान में कहा कि वह पिछले कुछ समय से इस फैसले पर विचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना हमेशा उनके लिए गर्व की बात रही है और वह तब तक खेलना चाहते थे जब तक टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें।
न्यूजीलैंड के सबसे सफल बल्लेबाजों में शुमार
साल 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले केन विलियमसन न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में कुल 378 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और तीनों प्रारूपों में मिलाकर 19,346 रन बनाए।उनके नाम 48 शतक और 103 अर्धशतक दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 9,515 रन बनाए और 33 शतक लगाए, जो न्यूजीलैंड के किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन और शतक हैं।
कप्तानी में दिलाई ऐतिहासिक सफलता : End of Kane Williamson Era
वर्ष 2016 से 2024 तक न्यूजीलैंड टीम की कप्तानी संभालने वाले विलियमसन ने टीम को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं। उनकी कप्तानी में न्यूजीलैंड ने 2021 में भारत को हराकर पहली बार ICC World Test Championship Final 2021 का खिताब जीता था।इसके अलावा उनकी अगुवाई में न्यूजीलैंड 2019 वनडे विश्व कप और 2021 टी20 विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा। 2019 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।
क्रिकेट जगत में हमेशा याद किए जाएंगे विलियमसन
अपने शांत स्वभाव, शानदार बल्लेबाजी और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले केन विलियमसन ने क्रिकेट जगत में एक अलग पहचान बनाई है। उनके संन्यास के साथ न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत हो गया है।



