सीजी भास्कर , 18 अप्रैल
यूक्रेन के नेशनल सिक्योरिटी और डिफेंस काउंसिल के सचिव रुस्तम उमेरोव ने भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ अहम बैठकें कीं। इन उच्चस्तरीय चर्चाओं में रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान और स्थायी शांति की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
शांति समाधान पर भारत का जोर
बैठक के दौरान भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया कि वह विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को ही सबसे प्रभावी रास्ता मानता है। भारत ने अपने सैद्धांतिक रुख को दोहराते हुए शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया और दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रखने की आवश्यकता बताई।
फ्रंटलाइन हालात और कूटनीतिक पहल पर चर्चा
यूक्रेनी अधिकारी ने संघर्ष क्षेत्र के मौजूदा हालात की जानकारी साझा की। दोनों पक्षों के बीच सीमा पर स्थिति, वार्ता की प्रगति और स्थायी शांति हासिल करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही पूर्व में हुए द्विपक्षीय समझौतों को लागू करने पर भी विचार किया गया।
द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर सहमति
बैठकों में भारत और यूक्रेन के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करने की इच्छा जताई। अधिकारियों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने और संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।


