सीजी भास्कर 2 मई I रायपुर। गर्मी के मौसम में जिस गुपचुप के पानी को लोग स्वाद के लिए पी रहे हैं या जो आकर्षक दिखने वाले आम खरीद रहे हैं, वही सेहत के लिए खतरा बन सकता है। (The game of poison)
शहर में मुनाफा कमाने के चक्कर में कुछ दुकानदार खुलेआम मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। कहीं पुदीना-धनिया की जगह हरे केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है, तो कहीं गंदे पानी की बर्फ और एक्सपायर्ड ब्रेड बेची जा रही है।
सब्जियों और फलों में खतरनाक केमिकल
सब्जियों को ताजा और हरा-भरा दिखाने के लिए कॉपर सल्फेट (नीला थोथा) और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं फलों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा दूध में डिटर्जेंट और मसालों में ईंट का चूरा तक मिलाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं।
सेहत पर गंभीर असर : The game of poison
मेकाहारा के डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे मिलावटी खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इनका असर तुरंत नहीं दिखता, लेकिन लंबे समय तक सेवन करने से लीवर, किडनी, दिल और इम्यून सिस्टम पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
मिलावट के खिलाफ अभियान तेज
इन खतरों को देखते हुए फूड एंड ड्रग सेफ्टी विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। “सही दवा, शुद्ध आहार” अभियान के तहत अब तक करीब 1000 से ज्यादा दुकानों की जांच की जा चुकी है। इस दौरान खराब मैंगो पल्प, रंग मिला सोडा और दूषित गुपचुप पानी मौके पर ही नष्ट कराया गया है।
रोज पकड़ में आ रहे मिलावटी सामान
राज्य ड्रग कंट्रोलर बेनीराम साहू के मुताबिक, शहर के करीब 27 चाट और गुपचुप सेंटरों की जांच की गई। जांच के दौरान समोसा, चाट और दही बड़ा के नमूने लिए गए। एक दुकान पर गुपचुप के पानी में हरा रंग मिला पाया गया, जिसे पुदीना-धनिया की जगह इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने करीब 20 लीटर गुपचुप पानी मौके पर ही नष्ट कराया और एक बेकरी से एक्सपायर्ड ब्रेड जब्त की गई। ( The game of poison)
किन-किन चीजों में हो रही मिलावट
विशेषज्ञों के अनुसार, मिलावट कई स्तरों पर की जा रही है। सब्जियों में केमिकल रंग, फलों में कैल्शियम कार्बाइड, दूध में पानी, डिटर्जेंट और यूरिया मिलाया जा रहा है। मसालों में ईंट का चूरा और सिंथेटिक रंग, ठंडे पेय में सस्ते फ्लेवर और आर्टिफिशियल कलर मिलाए जाते हैं। गुपचुप के पानी में अशुद्ध पानी, रंग, कृत्रिम एसेंस और दूषित बर्फ का उपयोग भी किया जाता है।
मसालों में भी मिलावट का खेल
हल्दी में लेड क्रोमेट, मिर्च पाउडर में ईंट का चूरा या नकली रंग, शहद में शुगर सिरप और घी में सस्ता तेल या वनस्पति मिलाने जैसे मामले सामने आते रहते हैं। यहां तक कि आइसक्रीम में भी सिंथेटिक केमिकल और डिटर्जेंट मिलाने की शिकायतें मिलती हैं।
फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई
प्रदेश में सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए 27 अप्रैल से 11 मई तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। “सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर यह अभियान अधिकारियों के निर्देश में संचालित हो रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। (The game of poison)


