सीजी भास्कर, 13 जून। रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को स्कूल खुलने की तारीख को लेकर चर्चा का माहौल (School Reopening) बना रहा। अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच एक वायरल पत्र को लेकर तरह तरह की बातें होने लगीं। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस दस्तावेज ने कई लोगों को असमंजस में डाल दिया, जिसके बाद शिक्षा विभाग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
सुबह से ही कई समूहों और ऑनलाइन मंचों पर यह दावा किया जा रहा था कि स्कूलों के खुलने की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। इस खबर के फैलते ही लोगों ने एक दूसरे से जानकारी लेना शुरू कर दिया। बढ़ती चर्चाओं के बीच विभाग और सरकार की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की गई, जिससे भ्रम की स्थिति दूर हुई।
वायरल आदेश को बताया गया फर्जी : School Reopening
स्कूल शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया पर प्रसारित पत्र को पूरी तरह फर्जी बताया है। विभाग का कहना है कि स्कूलों के संचालन को लेकर जारी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने साफ कहा कि प्रदेश के सभी स्कूल 16 जून 2026 से ही खुलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर प्रसारित पत्र भ्रामक है।
फर्जी दस्तावेज की होगी जांच
मंत्री ने बताया कि वायरल किए जा रहे दस्तावेज की जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इसे फर्जी माना गया है। ऐसे दस्तावेज तैयार कर लोगों को भ्रमित करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
विभाग ने अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और अपुष्ट संदेशों को आगे साझा न करें।
16 जून को होगा शाला प्रवेश उत्सव
प्रदेशभर में 16 जून को शाला प्रवेश उत्सव आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारी को लेकर विभाग की ओर से कलेक्टरों, जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को आवश्यक निर्देश भेजे गए हैं।
निर्देशों में कहा गया है कि कार्यक्रम के प्रचार प्रसार के लिए बैनर पोस्टर लगाए जाएं, रैलियां निकाली जाएं और गांवों तथा शहरी वार्डों में मुनादी (School Reopening) कराई जाए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समितियों और पालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
स्कूलों की तैयारी पूरी करने के निर्देश
शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूल भवनों की साफ सफाई और आवश्यक मरम्मत का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल परिसरों को आकर्षक बनाने और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
मरम्मत योग्य भवनों के कार्य 15 जून तक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी पहले से तैयार रखने की बात भी कही गई है।
प्रवेश और नामांकन पर रहेगा फोकस
कक्षा पहली में प्रवेश के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त करने तथा प्राथमिक स्तर पूरा कर चुके विद्यार्थियों के अगले वर्ग में प्रवेश की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया है। विभाग ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।
शिक्षकों के लिए भी विशेष तैयारी
स्कूल शुरू होने से पहले जिला और विकासखंड स्तर पर शिक्षकों के लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश (School Reopening) दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर शिविर आयोजित किए जा सकते हैं। साथ ही शिक्षकों को आगामी तीन महीनों का शैक्षणिक रोडमैप तैयार करने के लिए कहा गया है ताकि नए सत्र की शुरुआत व्यवस्थित ढंग से हो सके।





