सीजी भास्कर, 11 अगस्त। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष CBI अदालत ने छत्तीसगढ़ कैडर के ट्रेनी IPS अधिकारी और पूर्व आयकर निरीक्षक राहुल बंसल से जुड़े कथित रिश्वत मामले को गंभीरता से लिया है। 2022 बैच के ट्रेनी IPS राहुल बंसल पर आरोप है कि सरगुजा जिले में CSP के तौर पर पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान एक साइबर फ्रॉड मामले को कथित रूप से रफा-दफा करने के बदले 1 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई। मामले में अदालत ने छत्तीसगढ़ के DGP और CBI निदेशक से Action Taken Report (ATR) तलब की है। (IPS bribery case)
इस मामले में राहुल बंसल के अलावा सरगुजा साइबर थाने में तैनात रहे ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को भी सह-आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में कथित लेन-देन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी पेश किए गए हैं, जिनमें WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग शामिल होने का दावा किया गया है।
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साइबर फ्रॉड केस को खत्म करने के बदले 1 करोड़ मांगने का आरोप : IPS bribery case
राहुल बंसल 2022 बैच के IPS अधिकारी हैं। IPS बनने से पहले वह आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। IPS बनने के बाद उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में CSP के रूप में हुई थी।
शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान एक साइबर फ्रॉड मामले को कथित तौर पर खत्म करने या रफा-दफा करने के बदले 1 करोड़ रुपये की रकम मांगी गई और ली गई। आरोप है कि यह रकम मई 2026 में हवाला के जरिए दो अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर की गई। दोनों किस्तों की रकम 50-50 लाख रुपये बताई गई है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि 1 करोड़ रुपये का कथित भुगतान एक साथ नहीं किया गया, बल्कि दो चरणों में हुआ। मई 2026 में 50 लाख रुपये की पहली और 50 लाख रुपये की दूसरी किस्त हवाला के माध्यम से ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगाया गया है।
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WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग का भी जिक्र
मामले में डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़े कथित साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग पेश किए जाने का दावा किया गया है।
अब जांच में इन डिजिटल साक्ष्यों की प्रमाणिकता और कथित लेन-देन से उनके संबंध की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती होगी कि कथित रकम का लेन-देन किस तरीके से हुआ और इसमें अलग-अलग आरोपियों की क्या भूमिका थी।
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दो पुलिसकर्मी भी बनाए गए सह-आरोपी : IPS bribery case
मामले में राहुल बंसल के अलावा सरगुजा साइबर थाने में तैनात रहे ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा के नाम भी सामने आए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि साइबर फ्रॉड मामले से जुड़ी कथित गतिविधियों में दोनों पुलिसकर्मियों की भी भूमिका थी।
इसी आधार पर दोनों को भी मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। अब जांच के दौरान कथित लेन-देन, संबंधित लोगों की भूमिका और शिकायत के साथ पेश किए गए डिजिटल साक्ष्यों की वास्तविकता की जांच की जानी है।
CBI अदालत ने DGP और CBI निदेशक से मांगी ATR
मामले में अहम घटनाक्रम दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष CBI अदालत में सुनवाई के दौरान हुआ। अदालत ने शिकायत और लगाए गए आरोपों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
विशेष CBI अदालत के जज सुधांशु कौशिक ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक और CBI निदेशक से Action Taken Report (ATR) तलब की है। इस रिपोर्ट के जरिए अदालत यह जानना चाहती है कि शिकायत और उसमें लगाए गए आरोपों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
BNSS की धारा 175(3) के तहत अदालत पहुंचे शिकायतकर्ता : IPS bribery case
राहुल बंसल और अन्य के खिलाफ शिकायतकर्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत विशेष CBI अदालत का रुख किया है। यह प्रावधान उस स्थिति में अदालत का दरवाजा खटखटाने से जुड़ा है, जब शिकायतकर्ता पुलिस से कार्रवाई की मांग के बाद अदालत के जरिए जांच या FIR जैसी कार्रवाई के लिए निर्देश चाहता है।
शिकायत में साइबर फ्रॉड केस को कथित तौर पर रफा-दफा करने के लिए 1 करोड़ रुपये मांगने और मई 2026 में दो किस्तों में हवाला के जरिए रकम ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने कथित डिजिटल साक्ष्य भी अदालत के समक्ष उपलब्ध कराए हैं।
फिलहाल मामला दिल्ली की विशेष CBI अदालत के समक्ष है। अदालत की ओर से मांगी गई ATR और आगे होने वाली जांच के बाद ही आरोपों और कथित डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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