सीजी भास्कर, 11 अगस्त : गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक स्थित हाई स्कूल रूवाड़ में स्कूल भवन (School Building) और पर्याप्त कमरों की कमी को लेकर ग्रामीणों और पालकों का आक्रोश सामने आया। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला लगाकर परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त कमरे नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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लंबे समय से नए भवन की मांग
ग्रामीणों और पालकों के मुताबिक, हाई स्कूल रूवाड़ के लिए लंबे समय से नए स्कूल भवन (School Building) की मांग की जा रही है। स्कूल में छात्र-छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ती गई, लेकिन उसके अनुरूप भवन और कक्षों की व्यवस्था नहीं हो सकी। मौजूदा स्थिति में एक ही कमरे में एक से अधिक कक्षाओं का संचालन करना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है और शिक्षकों को भी कक्षाएं संचालित करने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की कमी (School Building Shortage) को लेकर वे कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी दे चुके हैं। लगातार मांग के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती गई।
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सुबह 7 बजे स्कूल पहुंचकर किया प्रदर्शन
मंगलवार सुबह करीब 7 बजे ग्रामीण और पालक बड़ी संख्या में हाई स्कूल रूवाड़ पहुंचे। उन्होंने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाया और परिसर के बाहर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्कूल में पर्याप्त कमरे उपलब्ध कराने और नए भवन का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए पर्याप्त भवन और कक्षों की उपलब्धता जरूरी है। कमरों की कमी के कारण एक ही कमरे में कई कक्षाओं का संचालन होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई में असुविधा हो रही है।
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बीईओ और तहसीलदार पहुंचे मौके पर
स्कूल में तालाबंदी और ग्रामीणों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। सूचना मिलने पर छुरा के बीईओ और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और अभिभावकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने स्कूल की मौजूदा स्थिति की भी जानकारी ली।
ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त भवन और कमरे उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग भी रखी।
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स्थायी समाधान की मांग पर अड़े ग्रामीण
पालकों का कहना है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर और उचित वातावरण उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि भवन और कमरों की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो बच्चों को आगे भी पढ़ाई में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने स्कूल की जरूरत के अनुसार भवन और कमरों का आकलन कर जल्द निर्माण या विस्तार की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा के हित में ही उन्होंने विरोध का रास्ता अपनाया है।
फिलहाल अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द कोई ठोस निर्णय करेगा और विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त कक्ष उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई होगी।
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