सीजी भास्कर, 14 जून। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच आज राजधानी दिल्ली में होने वाली एक अहम बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में असंतुष्ट सांसदों के शामिल होने की चर्चा है।
दिल्ली में पहले से मौजूद कई नेताओं के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। बैठक को लेकर सियासी अटकलों का दौर भी तेज है। माना जा रहा है कि इस आयोजन के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण उभर सकते हैं।
दो चरणों में होगी बैठक : TMC Crisis
जानकारी के अनुसार बागी सांसद सबसे पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पहुंचेंगे, जहां आपसी चर्चा और मुलाकात का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद शाम को बंग भवन में रात्रिभोज के दौरान विस्तृत बैठक होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में करीब 20 सांसद शामिल हो सकते हैं।
बढ़ता जा रहा है बागी गुट
दिल्ली में होने वाली बैठक से पहले कई सांसद राजधानी पहुंच चुके हैं। वहीं कुछ नेता कोलकाता से दिल्ली रवाना हुए हैं और उनके भी बैठक में शामिल होने की संभावना है। हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले कुछ बड़े नेताओं के भी बागी खेमे के साथ आने की खबरों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा और बढ़ा दी है।
संख्या बल ने बढ़ाई चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बागी गुट की बढ़ती संख्या ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। लोकसभा में सांसदों की संख्या को देखते हुए यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि दिल्ली में होने वाली बैठक को केवल सामान्य मुलाकात नहीं बल्कि शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
संगठन में किए गए बड़े बदलाव
बढ़ते असंतोष के बीच पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव (TMC Crisis ) किए हैं। विभिन्न पदों पर नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश की गई है। इन बदलावों को राजनीतिक जानकार मौजूदा परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि नेतृत्व संगठन के भीतर संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि पार्टी नए ढांचे के साथ आगे बढ़ेगी।
दूसरी ओर बढ़ी कानूनी और राजनीतिक चुनौती
पार्टी के लिए मुश्किलें केवल अंदरूनी असंतोष तक सीमित नहीं हैं। इसी बीच वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी से एक मामले में जांच एजेंसी द्वारा पूछताछ भी चर्चा का विषय बनी (TMC Crisis) हुई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में पहले भी लंबी पूछताछ हो चुकी है और अब जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में पार्टी के भीतर बगावत और जांच संबंधी घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्मा दिया है।





