सीजी भास्कर, 16 जून : रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने विकास कार्यों में देरी और लापरवाही को लेकर अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है (Raipur Development Review)। निगम मुख्यालय में करीब छह घंटे तक चली समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गड़बड़ी के लिए केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
महापौर ने अपर आयुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
करबला तालाब परियोजना में मिलीं कई खामियां
बैठक के दौरान करबला तालाब विकास योजना की समीक्षा में कई अनियमितताएं सामने आईं। मेजरमेंट बुक में त्रुटियां और निर्माण कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी और निर्माण गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यादेश के बाद भी शुरू नहीं हुए कई प्रोजेक्ट
समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि कई विकास कार्यों के लिए कार्यादेश जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं किए गए हैं। इस पर महापौर ने अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए कहा कि जनता की सुविधा के लिए स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने लंबे समय से लंबित परियोजनाओं की सूची तैयार कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जोनवार समीक्षा कर प्रगति तेज करने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, 15वें वित्त आयोग, प्रधानमंत्री आवास योजना, सांसद निधि, विधायक निधि, महापौर निधि और अन्य विकास मदों के तहत चल रहे कार्यों की जोनवार समीक्षा की गई।
महापौर ने सभी अधिकारियों को विकास कार्यों की गति बढ़ाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में निगम के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, जोन कमिश्नर और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे ।





