सीजी भास्कर, 21 मई : नवा रायपुर स्थित प्रदेश का पहला बिजली चालित वाहन (ईवी) निर्माण प्लांट (Raipur EV Plant Closed) पिछले छह महीनों से बंद पड़ा है। इस प्लांट में बिजली चालित स्कूटर, ई-रिक्शा और ई-साइकिल का निर्माण किया जाता था, लेकिन जरूरी कलपुर्जों की आपूर्ति बंद होने के कारण उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया। इससे प्रदेश में बिजली चालित वाहन निर्माण के क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है।
हर महीने बन रहे थे 300 से ज्यादा वाहन
नवा रायपुर सेक्टर-22 स्थित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में यह प्लांट (Raipur EV Plant Closed) निजी कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा था। यहां प्रतिदिन 10 से 20 बिजली चालित वाहन तैयार किए जाते थे और मासिक उत्पादन 300 से 400 वाहनों तक पहुंच गया था। इन वाहनों की आपूर्ति छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तक की जा रही थी। इस प्लांट के माध्यम से करीब 150 से 200 स्थानीय युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिला हुआ था, लेकिन काम बंद होने के बाद कई कर्मचारी दूसरे राज्यों और कंपनियों में काम तलाशने को मजबूर हो गए हैं।
300 से ज्यादा कलपुर्जे बाहर से आते थे (Raipur EV Plant Closed)
जानकारी के अनुसार, इन वाहनों के निर्माण में उपयोग होने वाले 300 से ज्यादा आवश्यक कलपुर्जे दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से मंगाए जाते थे। पिछले कुछ महीनों से इन बाहरी राज्यों से होने वाली आपूर्ति प्रभावित हो गई, जिसके कारण अंततः उत्पादन रोकना पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राज्य में ही इन वाहनों से जुड़े पुर्जों का निर्माण शुरू हो जाए, तो भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार भी लगातार बिजली चालित वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है और विभिन्न शासकीय विभागों को भी पर्यावरण अनुकूल वाहन खरीदने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर में निवेश की बड़ी संभावना
प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक (Raipur EV Plant Closed) और बिजली उपकरण निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया गया है। करीब 28 हेक्टेयर क्षेत्र में बने इस क्लस्टर में उद्योगों को जमीन, किराए पर स्थान और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अनुसार, इस क्लस्टर में लगभग 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। औद्योगिक अधिकारियों का कहना है कि प्लांट बंद होने के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और प्रदेश में वाहन निर्माण को फिर से गति देने के प्रयास किए जाएंगे।



