सीजी भास्कर, 17 जून : राजधानी रायपुर में मानसून की दस्तक के साथ ही नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है। शहर में तेजी से फैल रहे नशीले पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए रायपुर पुलिस ‘ऑपरेशन क्लीन’ (Operation Clean) शुरू करने जा रही है। इस विशेष अभियान के तहत उन इलाकों को चिन्हित किया गया है, जहां लगातार कार्रवाई के बावजूद नशीली टेबलेट, सिरप, कैप्सूल और गांजा की अवैध बिक्री जारी है। पुलिस ने तस्करों के नाम, मोबाइल नंबर, ठिकाने और उनके नेटवर्क का विस्तृत डाटा तैयार कर लिया है। इस बार कार्रवाई केवल छोटे तस्करों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे सप्लाई चेन को निशाने पर लिया जाएगा।
210 से ज्यादा हॉटस्पॉट पुलिस के रडार पर
रायपुर पुलिस ने शहर में नशे के कारोबार से जुड़े कुल 211 हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं। इनमें सेंट्रल जोन के 56, वेस्ट जोन के 93 और नॉर्थ जोन के 62 क्षेत्र शामिल हैं। तेलीबांधा, हीरापुर, टाटीबंध, खमतराई, उरला और दलदल सिवनी जैसे इलाके प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि इन सभी स्थानों पर एक साथ दबिश देकर नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति तैयार की गई है। नशा विरोधी अभियान (Operation Clean) के तहत तस्करों को संरक्षण देने वाले लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तस्करों ने बदला सप्लाई का तरीका
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कार्रवाई बढ़ने के बाद तस्करों ने नशे की सप्लाई का तरीका बदल दिया है। अब ट्रांसपोर्ट कंपनियों, कुरियर सेवाओं और यात्री बसों के माध्यम से नशीले पदार्थों की खेप भेजी जा रही है। कई मामलों में कपड़ों, मशीनरी और खाने-पीने की वस्तुओं के बीच नशे का सामान छिपाकर पार्सल भेजने की जानकारी मिली है। हाल ही में मशीन के नाम पर बुक किए गए एक पार्सल से गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने अपनी निगरानी और सख्त कर दी है।
दूसरे राज्यों से हो रही सप्लाई
पुलिस के अनुसार ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित टेबलेट, कैप्सूल और नशीले सिरप राजधानी रायपुर पहुंच रहे हैं। कार्रवाई के दबाव के चलते तस्करों ने अब दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार, धमतरी और बेमेतरा जैसे जिलों में नशे का सामान डंप करना शुरू कर दिया है। इसके बाद छोटी-छोटी खेप बनाकर रायपुर में सप्लाई की जा रही है, जिससे पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
बड़े तस्करों पर भी शिकंजा
पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद कई बड़े तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि कई अपराधियों को जिलाबदर किया गया है। इसके बावजूद उनके सहयोगी और करीबी लोग अवैध कारोबार को आगे बढ़ाने में सक्रिय हैं। पुलिस ने तस्करी में शामिल दो पुलिसकर्मियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिससे इस नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि अब तक 332 तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 78 आरोपी अन्य राज्यों के हैं। पुलिस नए तस्करों और उनके नेटवर्क की पहचान कर रही है तथा जल्द ही उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शहर को नशामुक्त बनाने के लिए यह अभियान लगातार और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।





