सीजी भास्कर, 16 जून : छत्तीसगढ़ में बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटरों को लेकर अब सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज ने आज रायपुर के राजीव भवन में एक हाई-प्रोफाइल पत्रकारवार्ता (Chhattisgarh Congress Protest) को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद कर दिया। दीपक बैज ने बिजली के दामों में की गई बढ़ोतरी को जनता पर सीधे तौर पर ‘अत्याचार’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस इस जनविरोधी फैसले का सड़क से सदन तक कड़ा विरोध करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने ऐलान किया कि कल यानी 17 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ता बिजली दफ्तरों का उग्र घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री (जो कि बिजली मंत्री भी हैं) का पुतला दहन करेंगे। इसके अगले दिन 18 जून को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की नाकामियों को उजागर किया जाएगा।
जुलाई से घर-घर जाकर चलेगा ‘स्मार्ट मीटर हटाओ’ अभियान
दीपक बैज ने बताया कि आंदोलन सिर्फ दो दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। जुलाई के प्रथम सप्ताह से कांग्रेस के कार्यकर्ता राज्य भर में एक व्यापक जन-अभियान शुरू करेंगे। इसके तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर आम जनता से स्मार्ट मीटर हटाने की मांग से जुड़े आवेदन और फॉर्म भरवाएंगे, जिसे बाद में सरकार को सौंपकर इन मीटरों को तत्काल वापस लेने का दबाव बनाया जाएगा।
भाजपा राज में 5वीं बार बढ़े दाम, 5 साल में कांग्रेस ने बढ़ाए थे सिर्फ 2 पैसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आंकड़ों का हवाला देते हुए भाजपा सरकार को घेरा:
दामों में वृद्धि : इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू में 20 से 40 पैसे और किसानों के कृषि पंपों के लिए भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की गई है।
31.23% महंगी हुई बिजली : भाजपा की सरकार बनने के बाद यह लगातार पांचवीं बार है जब बिजली महंगी हुई है। हाल ही में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) भी जोड़ा गया था, जिससे अब तक कुल 31.23 प्रतिशत दाम बढ़ चुके हैं।
कांग्रेस सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड : बैज ने दावा किया कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के 5 साल के कार्यकाल में महज 2 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी और ‘400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना’ लागू रहने से जनता को बड़ी राहत मिल रही थी, जिसे वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया।
अनुबंध भार बढ़ाकर जुर्माना वसूलने का आरोप
पत्रकारवार्ता (Chhattisgarh Congress Protest) में दीपक बैज ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से लोगों के बिजली बिल तीन से चार गुना तक अधिक आ रहे हैं। हद तो यह है कि उपभोक्ताओं को एक ही महीने के ऑनलाइन और ऑफलाइन अलग-अलग बिल भेजे जा रहे हैं। बिना उपभोक्ता की सहमति के उनका अनुबंध भार (एग्रीमेंट लोड) बढ़ा दिया जा रहा है। स्मार्ट मीटरों के जरिए खपत को जानबूझकर तेज गति से ज्यादा दिखाया जाता है, और फिर खपत अधिक होने का हवाला देकर एग्रीमेंट से ज्यादा लोड का अर्थदंड (पेनल्टी) जोड़कर भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं।
‘अडानी की कंपनी के हैं स्मार्ट मीटर
‘ दीपक बैज ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अडानी की कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जो सामान्य मीटरों की तुलना में बहुत तेजी से भागते हैं। जून के महीने में राज्य के 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का बिल औसत से तीन गुना ज्यादा आया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने भी जनहित को देखते हुए स्मार्ट मीटर वापस लेने का फैसला किया है, तो छत्तीसगढ़ सरकार इसे वापस क्यों नहीं ले रही?”
इस महत्वपूर्ण पत्रकारवार्ता को वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू और पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने भी संबोधित किया। इस दौरान पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत रायपुर शहर व ग्रामीण अध्यक्ष और कई वरिष्ठ प्रवक्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे।





