सीजी भास्कर, 16 जून। बिजली के बढ़ते खर्च को लेकर प्रदेश में चर्चा तेज होती दिखाई (Smart Meter) दे रही है। शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग बढ़े हुए बिलों और नई व्यवस्थाओं को लेकर अपनी राय रख रहे हैं। इसी बीच राजधानी में आयोजित एक बैठक के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया, जहां आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
प्रदेश भर में इस विषय को लेकर हलचल बढ़ गई है। कई स्थानों पर लोगों के बीच बिजली खर्च और मीटर व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी माहौल के बीच विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए बड़े स्तर पर जनसंपर्क और विरोध कार्यक्रम चलाने का फैसला किया है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी पर सरकार पर निशाना : Smart Meter
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में लगातार पांचवीं बार बिजली की दरों में इजाफा किया गया है। उनके अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक की वृद्धि हुई है, जबकि व्यापारिक और कृषि वर्ग के उपभोक्ताओं पर भी करीब 40 पैसे प्रति यूनिट तक अतिरिक्त बोझ डाला गया है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान बिजली की दरों में कुल 31.23 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। साथ ही यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय दरों में वृद्धि काफी सीमित रही थी।
स्मार्ट मीटर को लेकर उठे सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। दीपक बैज का कहना है कि जिन इलाकों में यह व्यवस्था लागू हुई है, वहां कई उपभोक्ताओं ने अधिक बिल आने की शिकायत की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ परिवारों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता देने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली खर्च बढ़ने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने और बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल कम करने की मांग की।
पहले चरण में दफ्तरों का घेराव
आंदोलन की शुरुआत 17 जून से की जाएगी। इस दिन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन (Smart Meter) किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते हुए सरकार के खिलाफ पुतला दहन भी करेंगे।
दूसरे चरण में प्रेसवार्ता
आंदोलन के अगले चरण में 18 जून को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए बिजली दरों में हुई वृद्धि और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है।
गांव गांव चलेगा जनसंपर्क अभियान
जुलाई के पहले सप्ताह से कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान स्मार्ट मीटर हटाने की मांग के समर्थन में आवेदन भरवाने का अभियान चलाया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश की जाएगी।
बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर को लेकर शुरू होने वाला यह अभियान आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में अहम मुद्दा बन (Smart Meter) सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि इस आंदोलन को जनता से कितना समर्थन मिलता है और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।





