सीजी भास्कर, 16 जून। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ा बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज (Donald Trump) हो गई है। वैश्विक नेताओं की बैठक के दौरान दिए गए इस बयान ने क्षेत्रीय संघर्ष और उससे जुड़े देशों की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञ अब इस बयान के संभावित असर पर नजर बनाए हुए हैं।
बीते कुछ समय से चल रहे संघर्ष को लेकर अलग अलग देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। इसी बीच एक प्रमुख विश्व नेता ने मौजूदा हालात पर अपनी असहमति जाहिर करते हुए ऐसी बात कही है, जिसने कूटनीतिक गलियारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सैन्य कार्रवाई के तरीके पर उठाए सवाल : Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी कार्रवाई को लेकर इजरायल की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष काफी लंबे समय से चल रहा है और इसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है। उनका कहना था कि किसी विशेष व्यक्ति या समूह को निशाना बनाने के लिए हर बार बड़े आवासीय ढांचों को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं माना जा सकता, क्योंकि वहां रहने वाले सभी लोग किसी संगठन से जुड़े नहीं होते।
लंबे संघर्ष पर जताई चिंता
ट्रंप ने कहा कि यह टकराव अपेक्षा से ज्यादा लंबा खिंच गया है। उनके अनुसार यदि किसी अभियान को चलाया जा रहा है तो उसे अधिक प्रभावी और तेज तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लंबे समय तक जारी रहने वाले संघर्षों का असर व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ता है और इससे अन्य महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास भी प्रभावित हो सकते हैं।
ईरान से जुड़े समझौते का भी जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर ईरान से जुड़े संभावित समझौतों पर भी पड़ सकता है। उनके अनुसार यदि हालात लगातार बिगड़ते हैं तो बड़े स्तर पर चल रही वार्ताओं को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया कि हालिया घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया जब क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयास भी जारी थे।
सीरिया की भूमिका का दिया सुझाव
ट्रंप ने यह भी कहा कि हिजबुल्लाह से जुड़े मुद्दों को संभालने में सीरिया की भूमिका अधिक प्रभावी हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस दिशा में सीरिया को जिम्मेदारी देने पर विचार (Donald Trump) किया जा सकता है। उनके मुताबिक सीरिया की वर्तमान नेतृत्व व्यवस्था इस मामले को बेहतर तरीके से संभालने की क्षमता रखती है और इससे संघर्ष को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
सीरियाई नेतृत्व की सराहना
बयान के दौरान ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शरा की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनके साथ संवाद सकारात्मक रहा है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि क्षेत्रीय परिस्थितियां ऐसी मांग करती हैं तो सीरिया इस चुनौती से निपटने में अहम भूमिका निभा सकता है। अब इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रखी जा रही है।





