सीजी भास्कर, 17 जून। नई दिल्ली, NEET Re-Exam 2026 से पहले केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर बड़ा कदम उठाते हुए 22 जून तक अस्थायी रोक लगा दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत यह आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, फर्जी पेपर लीक और धोखाधड़ी के मामलों में Telegram की भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। (Telegram Ban Before NEET Re-Exam 2026)
फर्जी पेपर लीक नेटवर्क पर सरकार की नजर : Telegram Ban Before NEET Re-Exam 2026
जांच एजेंसियों के अनुसार, मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को निशाना बनाकर एक बड़ा धोखाधड़ी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। इस नेटवर्क के जरिए छात्रों को कथित तौर पर पेपर लीक होने का झांसा दिया जाता था और उनसे पैसे वसूले जाते थे। जांच में सामने आया कि इस गतिविधि के लिए Telegram का व्यापक उपयोग किया जा रहा था।
Telegram के मैसेज एडिटिंग फीचर का हुआ दुरुपयोग
NTA की रिपोर्ट के मुताबिक, ठग Telegram के मैसेज एडिटिंग फीचर का इस्तेमाल कर पुराने संदेशों में बाद में प्रश्नपत्र या उससे मिलती-जुलती सामग्री जोड़ देते थे। चूंकि एडिट किए गए मैसेज का मूल समय वही बना रहता है, इसलिए स्क्रीनशॉट दिखाकर यह दावा किया जाता था कि परीक्षा से पहले ही पेपर उपलब्ध करा दिया गया था। इस तकनीक का इस्तेमाल छात्रों को भ्रमित करने और फर्जी सबूत पेश करने के लिए किया गया।
WhatsApp पर कार्रवाई क्यों नहीं?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में WhatsApp की ऐसी कोई भूमिका सामने नहीं आई है। WhatsApp का ढांचा मुख्य रूप से मोबाइल नंबर आधारित निजी बातचीत और सीमित समूहों पर केंद्रित है। इसके विपरीत Telegram में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक चैनल और ब्रॉडकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से लाखों लोगों तक एक साथ संदेश पहुंचाए जा सकते हैं।
पब्लिक चैनल बने चिंता की वजह : Telegram Ban Before NEET Re-Exam 2026
अधिकारियों का मानना है कि Telegram के सार्वजनिक चैनल और सर्च किए जा सकने वाले ग्रुप्स ने फर्जी जानकारी के प्रसार को आसान बनाया। जांच में शामिल अधिकांश संदिग्ध नेटवर्क Telegram आधारित पाए गए, जबकि WhatsApp का उपयोग इस स्तर पर नहीं मिला।
छात्रों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
सरकार और NTA ने छात्रों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी अपुष्ट जानकारी, कथित पेपर लीक या पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावों पर विश्वास न करें। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
22 जून तक लागू रहेगी रोक
सरकारी आदेश के अनुसार Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध 22 जून तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान एजेंसियां मामले की गहन जांच करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।





