सीजी भास्कर, 05 अगस्त। दुर्ग की सत्र अदालत ने दहेज मृत्यु के एक चर्चित मामले में पति समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला भिलाई निवासी 24 वर्षीय कंचन राव की मौत से जुड़ा है। (Dowry Death Case Durg)
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दहेज मृत्यु मामले में सत्र अदालत का अहम फैसला : Dowry Death Case Durg
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि लगातार दहेज प्रताड़ना का परिणाम है। कोर्ट ने माना कि शादी के सात साल के भीतर हुई मौत और उससे पहले दहेज की लगातार मांग व मानसिक प्रताड़ना के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
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पति, सास, ससुर, देवर और ननद दोषी करार
अभियोजन के अनुसार, 16 फरवरी 2022 को कंचन की शादी अमित राव से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति, सास, ससुर, देवर और ननद ने बुलेट बाइक और बाद में कंचन के पिता की हाईवे किनारे स्थित जमीन में हिस्सेदारी की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मायके पक्ष ने 2 लाख रुपये देने की बात भी अदालत में बताई, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना नहीं रुकी।
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वीडियो कॉल और वॉयस रिकॉर्डिंग बने अहम साक्ष्य : Dowry Death Case Durg
सुनवाई के दौरान कंचन की मौत से पहले अपनी भाभी को की गई वीडियो कॉल, मोबाइल से मिले वीडियो, वॉयस रिकॉर्डिंग और परिजनों की गवाही को अदालत ने अहम साक्ष्य माना। इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष लागू प्रावधानों (मामले के समय लागू कानून) के तहत पति, सास, ससुर, देवर और ननद को दहेज मृत्यु और दहेज प्रताड़ना का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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