सीजी भास्कर, 18 जून। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। पार्टी के भीतर उठे असंतोष और नेताओं के एक के बाद एक सामने आ रहे बयानों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म (Shiv Sena) दे दिया है। कार्यकर्ताओं से लेकर आम लोगों तक, हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर पार्टी के भीतर हालात इस मोड़ तक कैसे पहुंचे।
राज्य के कई हिस्सों में राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। नेताओं के आरोप और पलटवार के बीच माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। इसी बीच कुछ बयानों ने विवाद को और बढ़ा दिया है, जिसके बाद विरोधी दलों के नेताओं ने भी खुलकर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है।
बयान पर हुआ तीखा पलटवार : Shiv Sena
उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सामने आई बगावत के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बागी नेताओं पर कड़ी टिप्पणी की थी। उनके इसी बयान को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
शिंदे गुट की नेता शाइना एनसी ने कहा कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह किसी वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है और इसी कारण उनके लिए ठाणे के मानसिक अस्पताल में बिस्तर आरक्षित किया गया है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन धमकी भरी और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किसी भी हाल में उचित नहीं माना जा सकता। साथ ही उन्होंने संजय राउत को अपने शब्दों और व्यवहार पर नियंत्रण रखने की सलाह भी दी।
राउत ने क्या कहा था
इससे पहले सुबह आयोजित प्रेस वार्ता में संजय राउत ने कहा था कि जो लोग पार्टी के साथ बेईमानी या गद्दारी कर रहे हैं, उन्हें उसी अंदाज में जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाएगा। राउत के इसी बयान को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है तथा विभिन्न दलों के नेता खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बावनकुले ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे अपने जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर चलने में सफल नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों से संवाद की कमी रही और उनकी बात सुनने का उचित माहौल नहीं बनाया गया।
बावनकुले ने कहा कि किसी भी संगठन में नियमित चर्चा और समन्वय बेहद जरूरी (Shiv Sena) होता है। जब बातचीत रुक जाती है और संवाद समाप्त हो जाता है, तब इस तरह की परिस्थितियां पैदा होती हैं। उनके मुताबिक कई जनप्रतिनिधि इसी वजह से नाराज होकर अलग हुए हैं।
बागी सांसदों को नोटिस
संजय राउत ने पार्टी में हुई बगावत को लेकर कहा कि देश में जो हालात बन रहे हैं, उसके लिए सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि बागी नेताओं को सात दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और संबंधित नेताओं से जवाब मांगा गया है। आने वाले दिनों में उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दो सांसदों को लेकर जताई चिंता
संजय राउत और अरविंद सावंत ने दावा किया कि पार्टी के छह सांसदों में से दो सांसद उनके साथ (Shiv Sena) नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि वे कहां हैं और क्या उन पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया है। दोनों नेताओं ने आशंका जताई कि संबंधित सांसदों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा और तेज हो गई है।





