सीजी भास्कर, 18 जून। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भाजपा सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम जनता को महंगाई, अव्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व गृह मंत्री के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियां सुशासन के बजाय कुशासन की तस्वीर पेश करती हैं। (Tamradhwaj Sahu Targets BJP Government)
साहू ने अवैध उत्खनन और परिवहन के मुद्दे पर सरकार से गंभीर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए गहन अध्ययन के बाद स्पष्ट और प्रभावी नियम बनाए जाने चाहिए। इन नियमों के अनुरूप सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि किसी भी अवैध कारोबार को संरक्षण या प्रोत्साहन न मिले।
पूर्व गृह मंत्री ने प्रदेश में लगातार सामने आ रहे अवैध रेत उत्खनन के मामलों को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप (Tamradhwaj Sahu Targets BJP Government) लगाए। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि अवैध रेत उत्खनन भाजपा से जुड़े लोगों की मिलीभगत से संचालित हो रहा है।
ताम्रध्वज साहू ने मांग की कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो सरकार को निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनके अनुसार, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण से ही प्राकृतिक संसाधनों की लूट रुक सकती है और आम जनता को राहत मिल सकती है।
पूर्व गृह मंत्री ने महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव के दौरान कई गारंटियों और वादों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन जनता को कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली दरों में वृद्धि, रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल के महंगे दाम और खाद की कमी ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है।
उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल महंगे होने का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिसके कारण सब्जियों, दालों, अनाज और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर गरीब, मजदूर, किसान और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
खाद-बीज संकट और किसानों की परेशानियां : Tamradhwaj Sahu Targets BJP Government
साहू ने किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। खेती-किसानी से जुड़े आवश्यक संसाधनों की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। सरकार को इस दिशा में तत्काल प्रभाव से व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता है ताकि कृषि क्षेत्र प्रभावित न हो।
“चारों तरफ कुशासन का माहौल”
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यदि पेट्रोल-डीजल महंगा हो, बिजली बिल बढ़ जाए, खाद-बीज की कमी बनी रहे और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते जाएं, तो ऐसे माहौल को सुशासन नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने वाला कोई बड़ा निर्णय दिखाई नहीं दे रहा है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के अपने सांसद, विधायक और मंत्री भी विभिन्न कार्यक्रमों में अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी व्यक्त करते नजर आए हैं। यदि वास्तव में सुशासन होता तो सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक रूप से असंतोष जाहिर करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
साहू ने कहा कि सरकार को आत्ममंथन कर जनता को राहत देने वाली नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए।





