सीजी भास्कर, 19 जून : डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe का उपयोग करने वाले करोड़ों यूजर्स (PhonePe Wallet New Rule) के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। कंपनी ने अपने PhonePe Wallet से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए लंबे समय से निष्क्रिय पड़े वॉलेट पर मेंटेनेंस फीस लगाने का फैसला किया है। नए नियम के अनुसार यदि कोई यूजर लगातार एक वर्ष तक अपने वॉलेट का उपयोग नहीं करता है, तो उसे 100 रुपये तक का शुल्क देना पड़ सकता है।
365 दिन तक निष्क्रिय रहा Wallet तो लगेगा चार्ज
कंपनी की नई नीति के मुताबिक यदि किसी PhonePe Wallet में लगातार 365 दिनों तक कोई वित्तीय लेनदेन नहीं होता, तो उसे Inactive Wallet माना जाएगा। ऐसे मामलों में कंपनी वॉलेट के रखरखाव और संचालन लागत के नाम पर अधिकतम 100 रुपये तक की Inactivity Maintenance Fee वसूल सकती है।
यह नियम केवल उन यूजर्स पर लागू होगा जिनके वॉलेट में लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं हुई है। सक्रिय रूप से वॉलेट इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को किसी अतिरिक्त शुल्क की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
सिर्फ UPI इस्तेमाल करने से नहीं बचेगा शुल्क
कई यूजर्स PhonePe ऐप का उपयोग केवल बैंक खाते से सीधे UPI भुगतान के लिए करते हैं और वॉलेट का इस्तेमाल नहीं करते। टेक एक्सपर्ट्स के अनुसार केवल UPI ट्रांजैक्शन करना या ऐप खोलना वॉलेट गतिविधि नहीं माना जाएगा।
यदि कोई ग्राहक अपने Wallet को सक्रिय रखना चाहता है, तो उसे समय-समय पर PhonePe Wallet के माध्यम से लेनदेन करना होगा। तभी वॉलेट Active माना जाएगा और शुल्क से बचा जा सकेगा।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल
नए नियम की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि वे पहले से PhonePe का नियमित उपयोग कर रहे हैं, ऐसे में अलग से वॉलेट शुल्क लेना उचित नहीं है। हालांकि कंपनी का तर्क है कि यह शुल्क केवल निष्क्रिय वॉलेट के रखरखाव की लागत को ध्यान में रखकर लगाया गया है।
PhonePe से पहले MobiKwik भी लगा चुकी है शुल्क
डिजिटल वॉलेट इंडस्ट्री में Inactive Wallet Fee कोई नई व्यवस्था नहीं है। इससे पहले MobiKwik जैसी कंपनियां भी लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले वॉलेट पर शुल्क लगाने का नियम लागू कर चुकी हैं। PhonePe का यह कदम भी उसी दिशा में देखा जा रहा है।





