सीजी भास्कर, 19 जून : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Anthropic Mythos AI) की तेजी से बढ़ती क्षमताओं के बीच एक नया विवाद सामने आया है। Claude AI विकसित करने वाली कंपनी Anthropic के उन्नत AI मॉडल Mythos को लेकर सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जुड़ी चिंताओं के कारण प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार यह मॉडल इतनी उन्नत क्षमताओं से लैस है कि उसने परीक्षण के दौरान हजारों सॉफ्टवेयर कमजोरियों की पहचान करने की क्षमता दिखाई, जिसके बाद इसकी पहुंच को सीमित कर दिया गया।
चुनिंदा संस्थाओं तक ही सीमित रहा Mythos
जानकारी के मुताबिक Anthropic ने अपने विशेष Glasswing Program के तहत Mythos मॉडल का परीक्षण करीब 200 चुनिंदा संस्थाओं और संगठनों के साथ किया था। इनमें कई अमेरिकी सरकारी एजेंसियां और साइबर सुरक्षा से जुड़ी संस्थाएं भी शामिल थीं। परीक्षण के दौरान मॉडल की असाधारण क्षमता ने तकनीकी जगत का ध्यान आकर्षित किया।
सुरक्षा चिंताओं के बाद लगाया गया प्रतिबंध
बताया जा रहा है कि Mythos के एक अपेक्षाकृत कम शक्तिशाली संस्करण को सीमित सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया था, लेकिन बाद में राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के चलते उस पर भी रोक लगा दी गई। अमेरिकी प्रशासन द्वारा लागू एक्सपोर्ट कंट्रोल नियमों के तहत विदेशी नागरिकों और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की पहुंच भी सीमित कर दी गई है।
साइबर सुरक्षा कंपनियों के पास अब भी विशेष पहुंच
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साइबर सुरक्षा क्षेत्र की कुछ प्रमुख कंपनियों को अभी भी Mythos प्रीव्यू संस्करण तक विशेष पहुंच प्राप्त है। हालांकि Anthropic ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि Glasswing कार्यक्रम के अंतर्गत किन मानदंडों के आधार पर संस्थाओं का चयन किया गया था।
यूरोपीय एजेंसी को भी नहीं मिला एक्सेस
यूरोप की साइबर सुरक्षा एजेंसी ENISA को भी Glasswing कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन बाद में उसे मॉडल तक पहुंच देने से इनकार कर दिया गया। माना जा रहा है कि यह फैसला अमेरिकी प्रतिबंधों और सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुरूप लिया गया।
सरकार और Anthropic के बीच बढ़े मतभेद
रिपोर्टों के अनुसार इस वर्ष Anthropic और अमेरिकी प्रशासन के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद भी सामने आए हैं। दावा किया गया है कि कंपनी ने अपने AI मॉडल का उपयोग घरेलू निगरानी प्रणाली और पूरी तरह स्वचालित हथियार प्रणालियों में करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की खबरें चर्चा में रहीं।
AI की बढ़ती ताकत ने बढ़ाई बहस
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक जितनी तेजी से विकसित हो रही है, उससे साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उतने ही महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। Mythos मॉडल को लेकर उठे कदम इस बात का संकेत हैं कि भविष्य में अत्यधिक शक्तिशाली AI सिस्टम के उपयोग और नियंत्रण को लेकर वैश्विक स्तर पर नियम और सख्त हो सकते हैं।





