सीजी भास्कर, 19 जून। ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अपराध के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली पुलिस ने ऐसा अभियान (Cyber Crime) चलाया है, जिसने साइबर अपराधियों के नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया। दो दिनों तक चले इस विशेष अभियान में हजारों संदिग्धों की जांच की गई और कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान साइबर ठगी के बड़े गिरोहों और संगठित नेटवर्क तक पहुंचने के उद्देश्य से चलाया गया था। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे भी सामने आए हैं।
ऑपरेशन साइहॉक 5.0 में बड़ी कार्रवाई : Cyber Crime
दिल्ली पुलिस ने 16 और 17 जून को ऑपरेशन साइहॉक 5.0 चलाया। इस अभियान में 31 मई तक प्राप्त साइबर शिकायतों और उपलब्ध डाटा का विश्लेषण किया गया। कार्रवाई में 715 से अधिक पुलिस टीमों और 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को लगाया गया। इसमें साइबर पुलिस थानों के साथ विभिन्न जिला पुलिस इकाइयों ने भी हिस्सा लिया।
916 आरोपी गिरफ्तार
अभियान के दौरान कुल 916 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों का संबंध विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से पाया गया है। कार्रवाई के तहत लगभग 7000 लोगों को राउंडअप किया गया, जबकि 600 लोगों को बाउंड डाउन किया गया। इसके अलावा करीब 2000 लोगों को नोटिस जारी किए गए।
जामताड़ा और नूंह से जुड़े मिले तार
जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों के संबंध झारखंड के जामताड़ा और हरियाणा के नूंह क्षेत्र से जुड़े पाए गए। पुलिस का कहना है कि इन इलाकों का नाम पहले भी साइबर ठगी के मामलों में सामने आता रहा है और कई नेटवर्क वहीं से संचालित होने की आशंका है।
21 राज्यों में पहुंची जांच
दिल्ली पुलिस की टीमों ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए देश के 21 अलग अलग राज्यों में कार्रवाई की। इस दौरान कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।
700 करोड़ रुपये से जुड़े मामलों की जांच
अभियान के दौरान जिन शिकायतों की जांच की गई, उनमें लगभग 700 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े मामलों का उल्लेख सामने आया। पुलिस का मानना है कि इन मामलों में शामिल नेटवर्क काफी बड़े स्तर पर सक्रिय थे और कई राज्यों (Cyber Crime) में फैले हुए थे।
कंपनी से 7.86 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा
एक मामले में एक कंपनी के मालिक को भेजी गई जिप फाइल के जरिए सिस्टम हैक कर लिया गया। आरोपियों ने कंपनी के सिस्टम में बदलाव कर कर्मचारियों को फर्जी निर्देश भेजे। इसके बाद चार अलग अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 7 करोड़ 86 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कर दी है।
साइबर अपराध पर सख्त नजर
दिल्ली पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। लोगों से संदिग्ध लिंक, फाइल और संदेशों से सावधान रहने की अपील (Cyber Crime) की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाकर ही ऐसे अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है।





