सीजी भास्कर, 20 जून : बस्तर संभाग में मानसून (Monsoon in Bastar) की दस्तक में हो रही देरी किसानों की चिंता का कारण बनती जा रही है। प्रदेश में सामान्यतः दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रवेश बस्तर क्षेत्र से होता है, लेकिन इस वर्ष मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। हालांकि प्री-मानसून गतिविधियों के चलते क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे किसानों की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों के भीतर मानसून के बस्तर पहुंचने की संभावना है। विभाग ने 23 जून के आसपास अच्छी और व्यापक बारिश होने का अनुमान जताया है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो जिले में खरीफ फसलों की तैयारी को गति मिल सकती है।
बस्तर जिले में अधिकांश किसान आज भी वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं। सिंचाई के सीमित संसाधनों के कारण धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई पूरी तरह मानसूनी बारिश पर टिकी रहती है। इसी भरोसे कई किसानों ने शुरुआती बारिश के बाद खेतों में धान की बोनी कर दी थी, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने और बाद में तेज धूप निकलने से कई स्थानों पर बीजों को नुकसान पहुंचा है।
किसानों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद लंबे अंतराल तक पानी नहीं मिलने से कई खेतों में धान का अंकुरण प्रभावित हुआ है। कुछ जगहों पर बीज खराब होने की स्थिति भी बनी है, जिससे किसानों को दोबारा बोनी करने की तैयारी करनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ने के साथ-साथ उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
अच्छी बारिश से मिलेगी राहत
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी वर्षा होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी बनेगी और धान की बुवाई का कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा। समय पर मानसून सक्रिय होने से किसानों को दोबारा बोनी की परेशानी से भी राहत मिल सकती है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसान लगातार आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून का इंतजार कर रहे हैं। बादलों की बढ़ती आवाजाही और मौसम में नमी बढ़ने से उन्हें जल्द अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
Monsoon in Bastar बारिश का इंतजार बढ़ा, किसानों की बढ़ी चिंता
बस्तर में मानसून की धीमी रफ्तार से खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित होने लगी हैं। शुरुआती बारिश के बाद कई किसानों ने धान की बोनी कर दी थी, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने से कई जगह बीज खराब हो गए और अंकुरण प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने 23 जून के आसपास अच्छी बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।





