सीजी भास्कर, 22 जून : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र से रोजगार की तलाश में चेन्नई गईं तीन मासूम युवतियां (Sitapur Girls Chennai Rescue) वहां एक बड़े प्लेसमेंट स्कैम और बंधक संकट में फंस गईं। युवतियों ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उन्हें जबरन बंधक बनाकर रखा गया है और घर लौटने के बदले उनसे 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो ने बिना वक्त गंवाए तत्काल मोर्चा संभाला। प्रशासन और पुलिस की सक्रिय मदद से दोपहर ठीक 12:30 बजे तीनों युवतियों को उस चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जो अब शाम पौने चार बजे की ट्रेन से वापस छत्तीसगढ़ लौट रही हैं।
सिलाई ट्रेनिंग के बाद चेन्नई में प्लेसमेंट का दिया था झांसा
पूरे मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, सीतापुर क्षेत्र के ग्राम भरतपुर बेलजोरा की रहने वाली प्रतिमा, राधा और जगेश्वरी ने जशपुर में तीन महीने का सिलाई (टेलरिंग) का कड़ा प्रशिक्षण लिया था। ट्रेनिंग के दौरान ही कुछ एजेंटों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि चेन्नई में उन्हें एक बेहतरीन टेक्सटाइल कंपनी में प्लेसमेंट मिलेगा। साथ ही यह लिखित वादा भी किया गया था कि अगर उन्हें वहां काम पसंद नहीं आता है, तो वे जब चाहें बिना किसी रोक-टोक के वापस अपने घर लौट सकती हैं। इसी भरोसे के जाल में फंसकर तीनों युवतियां दो अन्य युवतियों और एक युवक के साथ चेन्नई जाने के लिए तैयार हो गईं।
चेन्नई (Sitapur Girls Chennai Rescue) पहुंचने के बाद जब उन्हें काम पसंद नहीं आया और उन्होंने घर लौटने की इच्छा जताई, तो कंपनी और एजेंटों ने रंग बदलना शुरू कर दिया। पहले तो उन्हें कुछ दिनों में भेजने का झूठा आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में साफ़ कह दिया गया कि अगर जाना है तो प्रति युवती 10-10 हजार रुपए जमा करने होंगे। युवतियों ने अपनी जेब से ट्रेन की टिकट भी बुक करा ली थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें वहां से निकलने नहीं दिया जा रहा था और उनके मोबाइल फोन भी छीनने की कोशिश की गई।
रास्ते के खर्च के लिए भिजवाए पैसे
चारों तरफ से रास्ते बंद देख युवतियों ने सूझबूझ दिखाते हुए एक गुप्त वीडियो बनाकर अपने परिजनों के माध्यम से सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो तक अपनी आपबीती पहुंचाई। विधायक ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तुरंत सरगुजा एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल से सीधी बात की और चेन्नई पुलिस व स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधकर एक रेस्क्यू ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की। प्रशासनिक अमले की मुस्तैदी से तीनों लड़कियों को चंद घंटों के भीतर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
रेस्क्यू के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो ने खुद इन युवतियों से वीडियो कॉल पर बात कर उनका हालचाल जाना और ढांढस बंधाया। युवतियों ने बताया कि वे सुरक्षित हैं और शाम पौने चार बजे की ट्रेन से घर वापस आ रही हैं। विधायक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके रास्ते के खाने-पीने और अन्य खर्चों के लिए पैसे भी भिजवाए और उन्हें पूरे सफर के दौरान लगातार संपर्क में रहने की हिदायत दी।
बाहर जाने से पहले जरूर छोड़ें अपना संपर्क नंबर
इस सफल रेस्क्यू के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो ने छत्तीसगढ़ की जनता और विशेषकर ग्रामीण युवाओं से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा अंचल की युवतियां बहुत जल्द सुरक्षित अपने घर पहुंच जाएंगी। लेकिन, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यह बेहद जरूरी है कि जब भी कोई ग्रामीण या युवा रोजगार व अन्य किसी काम के सिलसिले में राज्य से बाहर जाए, तो अपने परिजनों, स्थानीय कोटवार, सरपंच या जनप्रतिनिधि के पास अपनी कंपनी का नाम, वहां का पता और सटीक संपर्क नंबर जरूर छोड़कर जाए। ऐसा करने से किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रशासन को पीड़ित तक तत्काल मदद पहुंचाने में आसानी होती है।





