सीजी भास्कर, 22 जून। जनगणना से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के बीच एक तबादला आदेश अब कानूनी बहस का विषय (Census Duty) बन गया है। संबंधित अधिकारी ने अपने स्थानांतरण को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने ऐसा आदेश दिया है, जिसने प्रशासनिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों के दौरान अधिकारियों की तैनाती और जिम्मेदारियों को लेकर पहले से निर्धारित दिशा निर्देशों का पालन कितना जरूरी है, यह मुद्दा भी इस मामले के साथ चर्चा में आ गया है। फिलहाल अदालत ने अंतिम फैसला आने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर हाई कोर्ट ने जनगणना कार्य में नियुक्त एक अधिकारी के तबादले पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि मामले की अगली सुनवाई तक संबंधित अधिकारी को वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही कार्य करने दिया जाए।
तबादला आदेश को दी थी चुनौती Census Duty
मामला नामेश्वर कुमार कावड़े से जुड़ा है, जो नगर पंचायत केशकाल में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा 14 जून 2026 को जारी तबादला आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
आदेश के अनुसार उन्हें नगर पालिका बड़े बचेली, जिला दंतेवाड़ा में सहायक ग्रेड 2 के पद पर पदस्थ किया गया था। याचिकाकर्ता ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।
जनगणना कार्य की दी दलील
याचिका में बताया गया कि कोंडागांव कलेक्टर और मुख्य जनगणना अधिकारी द्वारा जनवरी 2026 में उन्हें जनगणना संबंधी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस कारण वे वर्तमान में जनगणना कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
केंद्र के निर्देशों का भी उल्लेख
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार के गृह सचिव द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जनगणना 2027 से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का 31 मार्च 2027 तक तबादला नहीं किया (Census Duty) जाना चाहिए। इसी आधार पर तबादला आदेश को चुनौती दी गई।
राज्य सरकार से मांगा जवाब
न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने मामले को प्रथम दृष्टया विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। साथ ही अन्य संबंधित पक्षों को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अगली सुनवाई जुलाई में
अदालत ने फिलहाल अधिकारी के तबादले पर अंतरिम रोक लगाते हुए वर्तमान पद पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई 2026 को निर्धारित (Census Duty) की गई है।





