सीजी भास्कर, 23 जून : सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए बस्तर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर जिले की सभी ऑनलाइन उचित मूल्य दुकानों में अब राशन सामग्री का वितरण अनिवार्य रूप से ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत पारदर्शी और त्रुटिरहित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
ओटीपी से राशन वितरण पर लगेगी रोक
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कई राशन दुकानों में बायोमेट्रिक सत्यापन के बजाय मोबाइल ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इससे अनियमितता और गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए अब ओटीपी आधारित वितरण को बेहद सीमित परिस्थितियों तक सीमित कर दिया गया है। सामान्य परिस्थितियों में सभी हितग्राहियों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ही राशन प्राप्त करना होगा।
इन विशेष श्रेणियों को मिलेगी छूट
प्रशासन ने केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही ओटीपी विकल्प की अनुमति दी है। इसमें ऐसे राशन कार्डधारी शामिल हैं-
जिनके सभी सदस्य 60 वर्ष से अधिक आयु के हों।
जिनके सभी सदस्य 10 वर्ष से कम आयु के हों।
एकल निराश्रित राशन कार्डधारी।
निःशक्तजन हितग्राही, जिनके लिए नॉमिनी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
इन मामलों में भी ओटीपी का उपयोग तभी किया जा सकेगा, जब आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का प्रयास पूरी तरह विफल हो जाए।
नॉमिनी को भी कराना होगा आधार प्रमाणीकरण
नए निर्देशों के तहत यदि मुख्य हितग्राही की जगह कोई नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) राशन लेने पहुंचता है, तो उसे भी अपने आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ही खाद्यान्न प्राप्त करना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक ही खाद्यान्न पहुंचाना और फर्जी वितरण की संभावनाओं को समाप्त करना है।
तकनीकी खराबी की तुरंत देनी होगी सूचना
यदि किसी दुकान में तकनीकी कारणों से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं हो पाता है, तो संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालक को इसकी जानकारी तत्काल क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक और तकनीकी टीम को देनी होगी, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके।
लापरवाही पर होगी वैधानिक कार्रवाई
कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी उचित मूल्य दुकान संचालक आधार प्रमाणीकरण की अनदेखी कर जानबूझकर ओटीपी आधारित वितरण को प्राथमिकता देंगे, उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश के तहत कड़ी वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी राशन कार्डधारियों से भी अपील की है कि वे खाद्यान्न प्राप्त करते समय बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का ही उपयोग करें। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए सभी उचित मूल्य दुकानों में बैनर और पोस्टर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।





