सीजी भास्कर, 25 जून। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम पहल (India UAE Defence) हुई है। नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों, रक्षा उद्योग और आधुनिक तकनीकों को लेकर व्यापक चर्चा की। इस बैठक को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ साथ नई तकनीकों के विकास, संयुक्त परियोजनाओं और समुद्री सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर सहमति बनी। दोनों देशों ने आने वाले समय में रक्षा सहयोग को और विस्तार देने की प्रतिबद्धता भी जताई।
रक्षा उद्योग और तकनीकी सहयोग पर जोर India UAE Defence
बैठक की सह अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव अंतरराष्ट्रीय सहयोग अमिताभ प्रसाद और यूएई के ब्रिगेडियर स्टाफ जमाल इब्राहिम मोहम्मद इब्राहिम अल मरज़ूकी ने की।
इस दौरान रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाने, उन्नत रक्षा तकनीकों के विकास और विशेष रक्षा प्रणालियों के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने तकनीकी आदान प्रदान और संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
समुद्री सुरक्षा पर बनी साझा रणनीति
हिंद महासागर क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। बैठक को भारत और यूएई की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ब्रह्मोस मिसाइल में बढ़ी दिलचस्पी
जानकारी के अनुसार यूएई भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली में रुचि दिखाने वाले देशों India UAE Defence में शामिल है। समुद्री और हवाई सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से यूएई भारत के साथ रक्षा सहयोग का दायरा लगातार बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में हो रहे बदलाव और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच भारत की आधुनिक रक्षा तकनीकों की मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ रही है।



