सीजी भास्कर, 26 जून। जांजगीर-चांपा जिले में एक शादी उस समय टूट गई, जब दुल्हन ने नशे में धुत दूल्हे के साथ सात फेरे लेने से साफ इनकार कर दिया। दूल्हा द्वार पूजा के दौरान शराब के नशे में लड़खड़ाता हुआ पहुंचा, जिसे देखकर दुल्हन ने शादी करने से मना कर दिया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। बाद में पुलिस अधीक्षक ने दुल्हन के साहसिक निर्णय की सराहना करते हुए उसे सम्मानित किया। (Bride Refuses Drunk Groom Marriage)
द्वार पूजा में नशे में पहुंचा दूल्हा, दुल्हन ने तोड़ी शादी : Bride Refuses Drunk Groom Marriage
जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों में शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और बारात धूमधाम से दुल्हन के गांव पहुंची थी। द्वार पूजा के दौरान दूल्हा शराब के नशे में अपने पैरों पर ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। यह देखकर दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। दुल्हन ने नशे में धुत दूल्हे का विरोध करते हुए उसे थप्पड़ भी मारे। वधू पक्ष ने बेटी के फैसले का समर्थन किया और शादी नहीं कराने का निर्णय लिया।
पुलिस ने कराया समझौता, बिना दुल्हन लौटी बारात
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद बारात बिना विवाह संपन्न हुए वापस लौट गई। दुल्हन का कहना था कि दूल्हा पहले सगाई के समय भी शराब पीकर आया था और वह किसी नशे के आदी व्यक्ति के साथ अपना जीवन नहीं बिताना चाहती।
एसपी ने किया सम्मानित, जागरूकता अभियान से जोड़ा : Bride Refuses Drunk Groom Marriage
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने दुल्हन और उसके परिवार को सम्मानित करते हुए उनके फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय समाज में नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश देता है। साथ ही दुल्हन को नशामुक्ति जागरूकता अभियान का यूथ आइकन घोषित किया गया और महिला परिवार परामर्श केंद्र में मानदेय के साथ जिम्मेदारी देने की घोषणा की गई। पुलिस ने युवाओं और परिवारों से विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करने की भी अपील की।



