सीजी भास्कर, 17 अगस्त। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की समाजसेवी और शिक्षाविद् शिखा सिंह को शिक्षा, National Gaurav Award महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, खेल और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान 15 अगस्त को नई दिल्ली के NDMC Convention Centre में आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में प्रदान किया गया।
शिखा सिंह पिछले कई वर्षों से बिना किसी सरकारी सहायता या आर्थिक लाभ की अपेक्षा के सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम मानते हुए वह ग्रामीण और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए लगातार काम कर रही हैं। उनके प्रयासों में बच्चों की शिक्षा के साथ नैतिक और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष जोर दिया जाता है।

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शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रयास National Gaurav Award
शिखा सिंह का मानना है कि शिक्षा के जरिए समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है। इसी सोच के साथ वह ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही हैं।
उनके प्रयास केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं। बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को लेकर भी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, ताकि वे भविष्य में अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी शिखा सिंह की सक्रिय भूमिका रही है। महिलाओं और बालिकाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ कौशल विकास प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं।
सिलाई-कढ़ाई और हस्तशिल्प जैसे स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। घरेलू हिंसा, बाल विवाह और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर अभियान
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी शिखा सिंह ने कई स्तर पर काम किया है। उनके द्वारा वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम इस्तेमाल को लेकर जागरूकता अभियान चलाए गए हैं।
हरित पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इन गतिविधियों के जरिए पर्यावरण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बच्चों और युवाओं को खेल प्रशिक्षण
खेल और युवा विकास के क्षेत्र में भी शिखा सिंह की पहल चर्चा में रही है। उन्होंने अपनी निजी भूमि पर बिना सरकारी सहायता के बच्चों और युवाओं के लिए निःशुल्क खेल प्रशिक्षण और कोचिंग की व्यवस्था की है।
यहां बच्चों को खेल के साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की सीख दी जाती है। खास तौर पर बालिकाओं को क्रिकेट सहित अन्य खेलों में आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
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बहुआयामी योगदान के लिए मिला सम्मान
शिखा सिंह के शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, खेल और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मान मिलने के बाद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित छत्तीसगढ़ के शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, महिला समूहों, पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने खुशी जताई। लोगों ने शिखा सिंह को बधाई देते हुए उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
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रिपोर्टर : आयुष्मान शर्मा



