सीजी भास्कर, 17 अगस्त : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का अपनी माटी और खेती-किसानी (Vishnu Deo Sai Farming) से जुड़ाव एक बार फिर देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुबह अपने गृहग्राम बगिया के खेत पहुंचे और बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाकर बियासी की। खेत में हल की मूठ थामे मुख्यमंत्री साय सहज ही किसान की भूमिका में नजर आए। इस दौरान उन्होंने खेती-किसानी से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को भी साझा किया।
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अपने गांव, अपनी माटी और खेत से जुड़ाव का सुख
हरे-भरे खेत में बैलों के साथ खेती करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपने गांव, अपनी माटी और अपने खेत से जुड़ाव का सुख ही अलग होता है। हल की मूठ थामते ही खेती-किसानी से जुड़ी बचपन की पुरानी स्मृतियां एक बार फिर ताजा हो गईं।
उन्होंने कहा कि खेतों के बीच बिताया समय मन को सुकून देने के साथ नई ऊर्जा से भर देता है। मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी से अपने पुराने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती को करीब से देखा और अनुभव किया है।
खेती सिर्फ आजीविका नहीं, जीवन का संस्कार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेती उनके लिए केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। गांव और खेतों ने ही उन्हें श्रम का सम्मान करना, प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना सिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है। खेती हमें परिश्रम, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है।
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छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ी है कृषि परंपरा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की माटी, मेहनतकश किसानों और समृद्ध कृषि परंपराओं से जुड़ी है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी खेती का महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से किसान अपने परिश्रम से धरती को सींचते हुए प्रदेश की समृद्धि की नींव मजबूत करते आए हैं। छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहार, परंपराएं और ग्रामीण जीवन भी कृषि से गहराई से जुड़े हुए हैं।
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किसान प्रदेश की समृद्धि का मजबूत आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, समृद्ध कृषि परंपरा और मेहनतकश अन्नदाता किसान सदैव उनके हृदय के सबसे करीब हैं। किसानों की खुशहाली और कृषि की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि का मजबूत आधार है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाता किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में खुशहाली और खेतों में भरपूर फसल की कामना की।
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खेती से मुख्यमंत्री का रहा है पुराना नाता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जीवन ग्रामीण परिवेश और खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा रहा है। सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वे अपने गांव, खेत और ग्रामीण परिवेश से जुड़कर आत्मीयता का अनुभव करते हैं। आज सुबह गृहग्राम बगिया के खेत में बैलों के साथ हल चलाते मुख्यमंत्री की सहजता में अपनी माटी और कृषि परंपरा के प्रति उनका गहरा लगाव दिखाई दिया। मुख्यमंत्री का यह अंदाज (Vishnu Deo Sai Farming) किसानों और ग्रामीण जीवन से उनके पुराने रिश्ते को भी सामने लाता है।
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