सीजी भास्कर, 14 अगस्त। आवारा मवेशियों से परेशान किसानों का गुस्सा गुरुवार को कुछ इस तरह सामने (Stray Cattle) आया कि कलेक्टोरेट परिसर में अचानक 110 से ज्यादा मवेशी पहुंच गए। परसाभकुरा के करीब 40 किसान इन मवेशियों को करीब 15 किलोमीटर दूर से हांककर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और बाहर ही मवेशियों को खड़ा कर दिया। बड़ी संख्या में मवेशियों के पहुंचते ही परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
किसानों का कहना है कि खेतों में लगातार घुस रहे मवेशियों के कारण धान की फसल को नुकसान हो रहा है। वे कई बार समस्या की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो किसानों ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए यह अनोखा विरोध करने का फैसला लिया।

यह भी पढ़ें : Stray Cattle : 110 आवारा मवेशी लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे किसान, फसल बचाने के लिए उठाया ऐसा कदम कि मच गई अफरा-तफरी
खेती बचाने के लिए किसानों का अनोखा कदम Stray Cattle
गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे किसान मवेशियों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे। उनके साथ 110 से ज्यादा आवारा मवेशी थे, जिन्हें किसान करीब 15 किलोमीटर की दूरी से हांककर लाए थे।
किसानों ने इन मवेशियों को कलेक्टर कार्यालय के बाहर खड़ा कर दिया। अचानक इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों के पहुंचने से कलेक्टोरेट परिसर में लोगों की भीड़ लग गई और कुछ समय के लिए व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया।
किसानों का कहना था कि उनका मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि प्रशासन को अपनी समस्या की गंभीरता दिखाना है।
यह भी पढ़ें : Land Dispute : जमीन विवाद में नेता समेत 5 पर FIR, 10 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, शिकायतकर्ता ने पुलिस पर उठाए सवाल
किसानों ने कहा- खेतों में घुसकर बर्बाद कर रहे फसल
भकुरा के पूर्व सरपंच मनोज सिंह ने बताया कि धान की फसल अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई है। इसके बावजूद आवारा मवेशी लगातार खेतों में घुस रहे हैं और फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि खेती ही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य साधन है। ऐसे में फसल को बचाना उनके लिए सबसे बड़ी चिंता है। खेतों के चारों तरफ महंगी घेराबंदी कराना हर किसान के लिए संभव नहीं है।
किसानों ने आरोप लगाया कि शहर से मवेशियों को आसपास के गांवों में छोड़े जाने के कारण गांवों में आवारा मवेशियों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि नगर निगम के पशु विभाग ने इस आरोप को खारिज किया है।
यह भी पढ़ें : Bastar Martyrs QR Code : बस्तर में शहीद जवानों की डिजिटल पहचान, तस्वीरों के साथ लगाए जा रहे QR कोड
कई घंटे चली बातचीत, कलेक्टर की समझाइश के बाद शांत हुए किसान
किसानों के मवेशियों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचने की जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों से उनकी समस्या को लेकर बातचीत की गई।
किसान फसल नुकसान की समस्या पर तत्काल पहल की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि अगर समय रहते मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो धान की फसल को और नुकसान हो सकता है।
कई घंटे तक चली बातचीत के बाद कलेक्टर ने किसानों को समस्या के समाधान की दिशा में पहल का भरोसा दिलाया। कलेक्टर की समझाइश के बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ और वे मवेशियों को लेकर वहां से लौट गए।
फिलहाल किसानों के इस अनोखे विरोध ने आवारा मवेशियों की समस्या और फसल सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने एक बार फिर चुनौती खड़ी कर दी है।
खबरें और भी हैं : Gangrel Dam Statue Mystery : गंगरेल बांध में मिली 37 साल पुरानी नेमिनाथ प्रतिमा गायब!



