सीजी भास्कर, 27 जून : राजधानी रायपुर में अवैध नल कनेक्शनों को वैध बनाने के लिए नगर निगम द्वारा शुरू किए गए अभियान पर सियासत तेज हो गई है। नल कनेक्शन नियमितीकरण (Raipur Water Connection Regularization) के तहत तय किए गए शुल्क को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि नया घरेलू नल कनेक्शन करीब 10 हजार रुपये में मिल रहा है, जबकि वर्षों पुराने कनेक्शन को वैध कराने के लिए 20 हजार रुपये से अधिक वसूले जा रहे हैं, जो आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
20 हजार से ज्यादा शुल्क पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय अवैध नल कनेक्शन नियमित कराने के लिए केवल 600 रुपये शुल्क लिया जाता था, जबकि अब लोगों से 20 हजार रुपये से अधिक जमा कराने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से पानी का उपयोग कर रहे सामान्य परिवारों पर एकमुश्त इतनी बड़ी राशि का बोझ डालना उचित नहीं है। कांग्रेस ने नियमितीकरण शुल्क कम करने की मांग की है।
करीब 90 हजार नल कनेक्शन निगम रिकॉर्ड से बाहर
नगर निगम के अनुसार शहर में लगभग 3.50 लाख संपत्तियां हैं, लेकिन रिकॉर्ड में केवल 2.21 लाख वैध नल कनेक्शन दर्ज हैं। यानी करीब 90 हजार संपत्तियों में ऐसे नल कनेक्शन संचालित हैं, जो निगम के रिकॉर्ड में शामिल नहीं हैं। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने बताया कि अवैध कनेक्शनों के कारण जलकर से मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी कारण सभी जोन कार्यालयों को ऐसे कनेक्शनों की पहचान कर नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 जुलाई से 15 अक्टूबर तक मिलेगा मौका
नगर निगम ने एकमुश्त जलकर निपटान योजना लागू की है। इसके तहत 15 जुलाई से 15 अक्टूबर 2026 तक अवैध नल कनेक्शनों को वैध कराया जा सकेगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और नियमितीकरण शुल्क का तीन गुना तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन के लिए तय शुल्क
योजना के अनुसार आधा इंच के घरेलू नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए 5,000 रुपये नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपये वैध कनेक्शन शुल्क मिलाकर कुल 20,882 रुपये जमा करने होंगे। वहीं आधा इंच के व्यावसायिक नल कनेक्शन के लिए 15,000 रुपये नियमितीकरण शुल्क तथा 15,882 रुपये कनेक्शन शुल्क सहित कुल 30,882 रुपये देय होंगे। पूरी राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। साथ ही नल कनेक्शन को संबंधित संपत्ति की यूनिक आईडी से लिंक कर निर्धारित प्रारूप में अनुबंध करना भी अनिवार्य रहेगा।
योजना के बाद होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि जिनके नल कनेक्शन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, वे योजना का लाभ उठाकर उन्हें वैध करा लें। अधिकारियों का कहना है कि यह अंतिम अवसर है। योजना समाप्त होने के बाद अवैध नल कनेक्शनों को काटने के साथ दंडात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।



