सीजी भास्कर, 28 जून : बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत सेलर में शिक्षा को नई दिशा देने वाली अनूठी पहल शुरू की गई है। Wall Learning Initiative (दीवार पाठशाला) के तहत गांव की दीवारों को पढ़ाई का माध्यम बनाया गया है। यहां सामान्य ज्ञान, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, गणित, रीजनिंग और करंट अफेयर्स से जुड़े प्रश्न लिखे गए हैं, जिन्हें पढ़कर बच्चे स्कूल आते-जाते ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
दीवारों पर लिखे जा रहे प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न
Wall Learning Initiative (दीवार पाठशाला) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बिना कोचिंग के प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। शहरों की तुलना में गांवों में बेहतर मार्गदर्शन और कोचिंग की कमी को देखते हुए जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने यह अभिनव पहल शुरू की है।
गांव की गलियों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर बहुविकल्पीय प्रश्न लिखे गए हैं, ताकि बच्चे रोजमर्रा की दिनचर्या के दौरान भी पढ़ाई से जुड़े रहें।
हर दो महीने में बदलेंगे नए सवाल
इस व्यवस्था के तहत दीवारों पर लिखे गए करीब 50 प्रश्न हर दो महीने में बदले जाएंगे। इस तरह एक वर्ष में लगभग 300 नए प्रश्न बच्चों तक पहुंचेंगे। समय-समय पर इन्हीं प्रश्नों के आधार पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित व पुरस्कृत भी किया जाएगा।
पूरे गांव को बनाया गया शिक्षा का केंद्र
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य पढ़ाई को केवल स्कूल तक सीमित न रखकर पूरे गांव तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि यदि बच्चों में बचपन से सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की आदत विकसित होगी, तो वे भविष्य में बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव बताया है। उनका कहना है कि बच्चे सुबह-शाम टहलने और स्कूल आने-जाने के दौरान दीवारों पर लिखे प्रश्न पढ़ते हैं, जिससे उनकी जानकारी बढ़ रही है और पढ़ाई के प्रति रुचि भी विकसित हो रही है। यह नवाचार अब आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनता जा रहा है।



