सीजी भास्कर, 08 जून। बेमेतरा में परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर नेशनल हाईवे पर पहुंच (College Result) गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित हो गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा परिणाम से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें सामने रखीं।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक समस्याओं के समाधान का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
परिणाम में त्रुटियों को लेकर बढ़ा आक्रोश : College Result
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से संबद्ध जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के छात्रों ने परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का आरोप है कि कई छात्रों को परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दिखाया गया है, जबकि कुछ के परिणाम अब तक जारी नहीं किए गए हैं।
तीन घंटे तक हाईवे पर प्रदर्शन
छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर नेशनल हाईवे 30 पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और कई वाहन जाम में फंस गए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए और उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
ATKT और परिणाम को लेकर उठाए सवाल
छात्रों का कहना है कि कई विद्यार्थियों को बिना उचित कारण एटीकेटी दे दी गई है। इसके अलावा कुछ छात्रों के अंकपत्रों में भी त्रुटियां सामने आई हैं। उनका आरोप है कि तकनीकी और प्रशासनिक गलतियों का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
UFM कार्रवाई पर भी जताई नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि कई मामलों में बिना पर्याप्त जांच के अनुचित साधन उपयोग करने की कार्रवाई (College Result ) की गई है, जिससे छात्रों के परिणाम प्रभावित हुए हैं। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और गलत कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों की चिंता
विद्यार्थियों ने बताया कि उनमें से अधिकांश किसान, मजदूर और सामान्य परिवारों से आते हैं। उनके अभिभावक कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर उन्हें पढ़ा रहे हैं। ऐसे में परिणाम से जुड़ी त्रुटियों के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और परिवारों पर भी मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
छात्रों ने रखीं कई प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने एटीकेटी मामलों की निशुल्क पुनः जांच, लंबित परिणामों की शीघ्र घोषणा और अंकपत्रों में हुई त्रुटियों के सुधार की मांग की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि छात्रों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए और समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना जारी की जाए।
विश्वविद्यालय के चक्कर न लगाने की मांग
छात्रों का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें बार बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने (College Result) पड़ते हैं। उन्होंने मांग की कि महाविद्यालय और विश्वविद्यालय प्रशासन मिलकर छात्रों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करे। यदि किसी मामले में विश्वविद्यालय जाना आवश्यक हो तो महाविद्यालय का अधिकृत प्रतिनिधिमंडल भी छात्रों के साथ उपस्थित रहे और उनकी मदद करे।
समाधान का इंतजार
प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से चर्चा की और उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। फिलहाल छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई और समाधान का इंतजार कर रहे हैं। परीक्षा परिणाम से जुड़ा यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसके समाधान की मांग कर रहे हैं।



