रिपोर्टर : आशुतोष सिंह ठाकुर
सीजी भास्कर, 29 जून। प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी एक अहम खबर सामने (Tiger Reserve) आई है। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में कैमरा ट्रैप के जरिए ऐसा दृश्य रिकॉर्ड हुआ है, जिसे वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। इस रिकॉर्डिंग के बाद वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों में उत्साह का माहौल है।
लंबे समय से चल रहे संरक्षण और आवास सुधार के प्रयासों के बीच मिली यह सफलता इस बात का संकेत मानी जा रही है कि रिजर्व का प्राकृतिक तंत्र पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो रहा है। कैमरा ट्रैप में दर्ज तस्वीरों और वीडियो ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है।
चार जंगली कुत्तों का झुंड कैमरे में हुआ रिकॉर्ड Tiger Reserve
अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 के दौरान उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में लगाए गए कैमरा ट्रैप में चार ढोल यानी भारतीय जंगली कुत्तों के एक झुंड की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं। वन विभाग के अनुसार किसी संगठित झुंड का इस तरह दर्ज होना रिजर्व की बेहतर होती पारिस्थितिकी और सफल संरक्षण प्रयासों का महत्वपूर्ण संकेत है।
संकटग्रस्त वन्यजीवों में होती है गिनती
ढोल भारत के दुर्लभ मांसाहारी वन्यजीवों में शामिल हैं। यह प्रजाति आईयूसीएन की रेड लिस्ट में संकटग्रस्त श्रेणी में दर्ज है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची एक के अंतर्गत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। यह जीव झुंड में रहकर सामूहिक रूप से शिकार करने के लिए जाने जाते हैं।
वन संतुलन बनाए रखने में निभाते हैं अहम भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार ढोल चीतल, सांभर और जंगली सूअर जैसे शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका (Tiger Reserve) निभाते हैं। इससे वनस्पतियों का प्राकृतिक विकास और पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
संरक्षण प्रयासों का दिखा असर
रिजर्व प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में लगभग 956 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसका पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन किया गया है। इसके अलावा 550 से अधिक वन्यजीव अपराधियों, शिकारियों और तस्करों की गिरफ्तारी, लगातार एंटी पोचिंग अभियान, नियमित गश्त, कैमरा ट्रैप निगरानी और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से संरक्षण कार्यों को मजबूती मिली है। अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं प्रयासों के कारण रिजर्व में जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण लगातार बेहतर हो रहा है।



