भिलाई नगर, 01 जुलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में वर्षों से चल रहे कथित लोहा चोरी (Iron Theft BSP) के संगठित काले कारोबार के खिलाफ वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने अपनी मुहिम को अब छत्तीसगढ़ विधानसभा तक पहुंचा दिया है। विधायक सेन ने इस मामले में विधानसभा के नियम 117 के तहत अशासकीय संकल्प की सूचना विधानसभा सचिव को भेजते हुए केंद्र सरकार से पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
विधानसभा में अशासकीय संकल्प
विधानसभा सचिवालय को भेजे गए इस अशासकीय संकल्प में विधायक रिकेश सेन ने स्पष्ट कहा है कि भारत सरकार के उपक्रम सेल के अंतर्गत आने वाले भिलाई इस्पात संयंत्र में पिछले कई वर्षों से बड़े पैमाने पर कथित लोहा चोरी, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए, ताकि राष्ट्रीय संपत्ति को हुए नुकसान का वास्तविक और पारदर्शी आंकलन हो सके और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
संगठित गिरोह और व्हाइट कॉलर नेटवर्क पर आरोप
विधायक सेन का कहना है कि यह मामला केवल साधारण चोरी या छोटे स्तर की गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह करोड़ों रुपये की राष्ट्रीय संपत्ति, जनता के धन और जवाबदेही से जुड़ा एक गंभीर और संगठित मामला है। उन्होंने कहा कि यदि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाती है तो इसमें शामिल संगठित गिरोहों के साथ-साथ कथित व्हाइट कॉलर मददगारों, जिम्मेदार अधिकारियों और इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।
लगातार उठता रहा है मामला Iron Theft BSP
गौरतलब है कि हाल ही में विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि भिलाई इस्पात संयंत्र में लंबे समय से करोड़ों रुपये के लोहे की चोरी और उसके संगठित नेटवर्क को संरक्षण देने वाले लोगों के संबंध में उनके पास महत्वपूर्ण दस्तावेज और तथ्य मौजूद हैं। इसके बाद उन्होंने इन दस्तावेजों को विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध कराते हुए कार्रवाई की मांग को और तेज कर दिया है।
राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा पर जोर
अशासकीय संकल्प में यह भी उल्लेख किया गया है कि भिलाई इस्पात संयंत्र देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक धरोहर है और यह पूरी तरह से राष्ट्रीय संपत्ति के अंतर्गत आता है। यदि लंबे समय से चल रही कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होती है तो इससे न केवल दोषियों पर कार्रवाई संभव होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एक मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था भी विकसित की जा सकेगी।
विधायक का स्पष्ट रुख
विधायक रिकेश सेन का कहना है कि उनकी यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।



