सीजी भास्कर, 2 जुलाई। WhatsApp के नए Username Feature (WhatsApp Username Feature) को लेकर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस जारी कर फीचर के भारत में रोलआउट पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कंपनी से तीन दिनों के भीतर इस फीचर की कार्यप्रणाली और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत जवाब भी मांगा है।
साइबर फ्रॉड और फर्जी पहचान को लेकर सरकार की चिंता
सरकार का मानना है कि WhatsApp Username Feature लागू होने के बाद साइबर अपराधी किसी व्यक्ति, सरकारी संस्था या मशहूर हस्ती के नाम से मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों को गुमराह कर सकते हैं। इससे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और पहचान की नकल (इम्पर्सोनेशन) जैसे मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।
Meta से तीन दिन में मांगा गया जवाब
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को जारी नोटिस में WhatsApp Username Feature की पूरी तकनीकी जानकारी, सुरक्षा व्यवस्था और दुरुपयोग रोकने के उपायों की जानकारी मांगी है। साथ ही कंपनी को निर्देश दिया गया है कि सरकार की संतुष्टि तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए।
Meta ने कहा- फीचर अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ
Meta ने स्पष्ट किया है कि WhatsApp Username Feature अभी सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है और फिलहाल यह विकास एवं चरणबद्ध रोलआउट की प्रक्रिया में है। कंपनी का कहना है कि यूजरनेम सुविधा का उद्देश्य मोबाइल नंबर की गोपनीयता बढ़ाना है तथा दुरुपयोग रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय पहले से तैयार किए गए हैं।
सेलिब्रिटी और सरकारी नाम रहेंगे सुरक्षित
Meta के अनुसार WhatsApp Username Feature में मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, सार्वजनिक व्यक्तियों और वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े कई यूजरनेम पहले से सुरक्षित (रिजर्व) रखे जाएंगे, ताकि कोई अन्य व्यक्ति उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। कंपनी अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प भी उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
फिलहाल लॉन्च पर संशय बरकरार
Meta ने इस फीचर को वर्ष के अंत तक चरणबद्ध तरीके से लॉन्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन केंद्र सरकार की आपत्तियों के बाद WhatsApp Username Feature के भारत में रोलआउट की समय-सीमा बदल सकती है। फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार और Meta के बीच बातचीत जारी है।



